प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है. इसी कड़ी में भाजपा ने पिछड़ा वर्ग मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान किया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मंजूरी के बाद मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल ने पदाधिकारियों और क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची जारी की. नई टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री और 12 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं.
इस संगठनात्मक फेरबदल के बीच प्रयागराज की जया पाल का नाम भी चर्चा में है. जया पाल उमेश पाल की पत्नी हैं और 2023 के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद लगातार न्याय की लड़ाई लड़ती रही हैं. सितंबर 2026 में सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रदेश सरकार से सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी.
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में तैनात दो सरकारी गनरों की गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में अतीक अहमद, अशरफ और अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे, इसके बाद 15 अप्रैल 2023 को अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
जया पाल पहले भी भाजपा के कार्यक्रमों और नेताओं के साथ सार्वजनिक तौर पर नजर आती रही हैं. 2023 में उनके भाजपा से चुनावी दावेदारी को लेकर भी पोस्टर सामने आए थे, हालांकि उस समय उनके परिवार ने कहा था कि टिकट मिलने पर वह चुनाव लड़ने की दावेदारी करेंगी.
अब 2027 के चुनाव से पहले उनके नाम को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चा तेज है. खास तौर पर शहर पश्चिमी विधानसभा सीट को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. यह वही इलाका है, जहां उमेश पाल हत्याकांड ने यूपी की राजनीति में बड़ा असर डाला था. हालांकि, अभी जया पाल को इस सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.