BNP Reacts on West Bengal Elections: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत का स्वागत किया है. पार्टी ने उम्मीद व्यक्त की है कि अब लंबे समय से अटका पड़ा तीस्ता जल बंटवारा समझौता आगे बढ़ सकता है. BNP के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने सुवेंदु अधिकारी और भाजपा को जीत की बधाई देते हुए कहा कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन दोनों देशों के बीच संबंधों में नई शुरुआत करेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार बांग्लादेश के साथ अच्छे संबंधों को और मजबूत बनाएगी तथा द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने में मदद करेगी.
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
सबसे अहम बात यह रही कि BNP ने तीस्ता समझौते में सबसे बड़ी बाधा ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस सरकार को बताया. हेलाल के अनुसार, ममता बनर्जी के कारण यह मुद्दा सालों से लटका रहा. अब भाजपा की सरकार बनने से इस दशकों पुराने विवाद को सुलझाने का रास्ता साफ हो सकता है.
तीस्ता विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
तीस्ता नदी का पानी बंटवारा भारत और बांग्लादेश के बीच पुराना मुद्दा है. 2011 में मनमोहन सिंह के समय एक प्रारूप तैयार हुआ था, जिसमें बांग्लादेश को 37.5% और भारत को 42.5% पानी देने का प्रस्ताव था. लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने कृषि और स्थानीय हितों का हवाला देकर इसका विरोध किया था, जिसके चलते समझौता रुक गया.
वर्तमान में दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं, लेकिन सिर्फ गंगा और कुशियारा नदी के समझौते ही लागू हैं. तीस्ता समझौता पश्चिम बंगाल की सहमति न मिलने के कारण अभी तक अधर में है.
विचारधारा अलग, मगर हित एक
BNP ने स्पष्ट किया कि उनकी और भाजपा की विचारधारा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन तीस्ता जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर दोनों पक्ष सहयोग कर सकते हैं. पार्टी को उम्मीद है कि नई बंगाल सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस मामले को जल्द निपटाने की दिशा में काम करेगी. यह बयान बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद क्षेत्रीय और पड़ोसी देशों की राजनीति में संभावित बदलाव का संकेत दे रहा है.