कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष के हालिया बयान ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिलेगी. उन्होंने दावा किया कि ED, NIA और स्थानीय पुलिस कई मामलों में एक साथ एक्शन मोड में दिखाई दे सकती है.
दिलीप घोष यादव ने कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार, अवैध कब्जों और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया है, उनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय है. उन्होंने संकेत दिए कि केंद्रीय एजेंसियां आर्थिक घोटालों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच को और तेज करेंगी. वहीं, स्थानीय प्रशासन भी अवैध निर्माण और अपराध से जुड़े नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए हुए है.
मंत्री के बयान में बुलडोजर कार्रवाई का भी जिक्र रहा. उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों और गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू हो चुका है और आगे इसे और तेज किया जाएगा. हालांकि, विपक्ष ने इस बयान को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है. विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. बंगाल की राजनीति में अब इस बयान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.