भागलपुर: सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव के पुलिस एनकाउंटर में परिवार की ओर से सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं. रामधनी की बहू बेबी कुमारी ने दावा किया है कि पुलिस ने उनके ससुर की थाने के पीछे गोली मारकर हत्या की, जबकि पुलिस जवाबी कार्रवाई बता रही है.
बेबी कुमारी ने कहा कि पुलिस ने मुझे मंगलवार शाम को उठाकर थाने ले गई थी. मुझे थाने के दूसरे फ्लोर पर एक कमरे में बंद कर दिया गया था. थाने के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे. मैं खिड़की से देख रही थी कि पुलिसकर्मियों ने मेरे ससुर रामधनी यादव को चार गोलियां मारीं.
'सरेंडर करने आए थे, फिर भी हाथापाई की'
बहू बेबी कुमारी का दावा है कि रामधनी यादव खुद सरेंडर करने थाने पहुंचे थे. उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि उनके अपराध की सजा उन्हें मिले, लेकिन परिवार को परेशान न किया जाए. इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ हाथापाई की और उन्हें थाने के पीछे ले जाकर गोली मार दी. परिवार का कहना है कि रामधनी के पास हथियार नहीं था और पुलिस की पूरी कहानी मनगढ़ंत है. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि सबूत मिटाने के लिए थाने के सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद कर दिए गए थे.
परिवार पर दबाव और बुलडोजर की धमकी
एनकाउंटर के बाद रामधनी यादव के छोटे बेटे अंकित और बेटी प्रियंका ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. परिवार का दावा है कि पुलिस बार-बार घर आकर गालियां दे रही है और सामान उखाड़ने की धमकी दे रही है. अब बुलडोजर चलाने की बात कहकर परिवार को मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि कोई एनकाउंटर के खिलाफ आवाज न उठा सके.
एनकाउंटर स्थल पर रहस्य
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल एनकाउंटर की लोकेशन को लेकर है. घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि गोलीबारी असल में कहां हुई. जब अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने टालमटोल किया. पुलिस का दावा है कि रामधनी ने उन पर फायरिंग की थी, लेकिन परिवार के आरोपों और सीसीटीवी बंद होने के दावे ने इस बड़ी कामयाबी को विवादों में घेर दिया है. अब तक पुलिस की ओर से परिवार के आरोपों पर बयान जारी नहीं किया गया है.
क्या था कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड
28 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4 बजे तीन हथियारबंद अपराधी सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुस गए. सभापति राजकुमार साह के साथ मीटिंग चल रही थी. अपराधियों ने चैंबर में ताबड़तोड़ फायरिंग की. मुख्य निशाना सभापति थे, लेकिन निहत्थे ईओ कृष्ण भूषण कुमार ने बहादुरी दिखाते हुए अपराधियों का सामना किया.
अपराधियों ने उनके सिर में सटाकर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस जांच के अनुसार, यह हमला नमामि गंगे घाट और पार्किंग टेंडरों के विवाद तथा हालिया अतिक्रमण हटाओ अभियान के बदले में किया गया था. वारदात के महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रामधनी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया.