न्यूयॉर्क: जेपी मॉर्गन चेज (JPMorgan Chase) की एक सीनियर महिला एग्जीक्यूटिव पर न्यूयॉर्क में मुकदमा दायर किया गया है. भारतीय मूल के शिकायतकर्ता आरोप लगाया है कि उसकी सुपरवाइजर ने कई महीनों तक उसका यौन शोषण, नस्लीय उत्पीड़न और कार्यस्थल पर धमकाया. मुकदमा न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया है. इसमें JPMorgan की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लोर्ना हजदिनी (Lorna Hajdini) को आरोपी बनाया गया है. शिकायतकर्ता, जिसकी पहचान जॉन डो के रूप में गुप्त रखी गई है. वह एक शादीशुदा बैंकर है जो लीवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन में काम करता था.
कोर्ट दस्तावेजों के अनुसार, 2024 में जब जॉन डो टीम में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में शामिल हुआ और हजदिनी ने सीनियर भूमिका संभाली, तब से कथित दुराचार शुरू हुआ. डो का आरोप है कि हजदिनी ने अपनी पदोन्नति और करियर पर नियंत्रण का फायदा उठाकर उसे बार-बार यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया और लगातार मौखिक उत्पीड़न किया.
मई 2024 में एक घटना में हजदिनी ने डो की डेस्क के पास पेन गिरा दिया और उसे उठाते समय उसके पैर को रगड़ा और पिंडली को दबाया. उसने कहा कि ओह, तुमने कॉलेज में बास्केटबॉल खेला था? मुझे बास्केटबॉल खिलाड़ी बहुत पसंद हैं. वे मुझे बहुत गीला कर देते हैं. इसके बाद आरोपों की तीव्रता बढ़ गई. डो ने आरोप लगाया कि हजदिनी ने ऑफिस के अंदर दो बार उसे ओरल सेक्स करने का प्रस्ताव रखा.
एक बार उसने कहा कि बर्थडे बीजे फॉर द ब्राउन बॉय? माय लिटिल ब्राउन बॉय. एक प्राइवेट मेंबर्स क्लब में काम से संबंधित सोशल इवेंट के दौरान हजदिनी ने टेबल के नीचे बार-बार उसे छेड़ते हुए कहा कि तुम्हें इसे अर्जित करना पड़ेगा, मेरे छोटे अरब बॉय टॉय. डो का कहना है कि उसने बार-बार हजदिनी के प्रस्तावों को ठुकराया, लेकिन बदले में उसे धमकियां मिलीं.
मई 2024 में ड्रिंक्स के निमंत्रण को ठुकराने पर हजदिनी ने चेतावनी दी कि अगर तुम जल्दी मुझसे जल्दी संबंध नहीं बनाओगे तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी... कभी मत भूलना, मैं तुम्हारी मालिक हूं. उसने बार-बार ये भी कहा कि डो का भविष्य बैंक में सिर्फ तभी सुरक्षित है जब वह उसे यौन रूप से संतुष्ट करे.
एक अपार्टमेंट में हुई मुलाकात के दौरान हजदिनी ने अपनी शर्ट उतारी, खुद को छुआ और डो की पत्नी का अपमान करते हुए कहा कि मुझे लगता है तुम्हारी छोटी एशियन, फिश हेड वाली पत्नी के पास ये तो नहीं होंगे. डो के अनुसार, हजदिनी ने जबरदस्ती उसकी पैंट उतारी और उसके विरोध करने तथा रोने के बावजूद उसका ओरल सेक्स किया. इस पर हजदिनी ने कहा कि रोना बंद करो. तुम्हें लगता है कोई तुम्हारी बात कोई मानेगा?
एक अन्य घटना में हजदिनी ने उसे अपने पैर के अंगूठे चूसने का आदेश दिया, उसे जमीन पर धकेला और उसके चेहरे पर बैठ गई. डो ने विनती की कि मैं बहुत असहज हूं, प्लीज लोर्ना, मैं गिड़गिड़ा रहा हूं. हजदिनी ने उसका मजाक उड़ाया और नस्लीय टिप्पणी की.
डो ने आरोप लगाया कि हजदिनी ने उसे रोहिप्नॉल यानी रूफ़ीज़ और इरेक्शन बढ़ाने वाली दवा देकर उसके साथ सेक्स किया. साथ ही उसने अपनी एग्जीक्यूटिव पोजीशन का दुरुपयोग कर उसके बैंक अकाउंट में अनधिकृत एक्सेस लेकर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी. शिकायत में दो गवाहों का भी जिक्र है, जिन्होंने कुछ घटनाओं के दौरान डो की आपत्तियों को सुना था.
2024 के अंत में जब डो दूसरी नौकरी ढूंढने लगा, तो हजदिनी और अन्य सीनियर मैनेजर्स ने नेगेटिव रेफरेंस देकर उसे नौकरी पाने से रोका. मई 2025 में डो ने JPMorgan को लिखित शिकायत दी, जिसमें नस्ल और लिंग आधारित उत्पीड़न तथा गंभीर यौन शोषण का जिक्र था. शिकायत देने के कुछ दिनों बाद ही उसके खिलाफ रिटेलिएशन शुरू हो गया. रिमांड, सिस्टम एक्सेस बंद करना और जबरन लीव पर भेजना.
शिकायत के बाद उसे धमकी भरे अनाम फोन कॉल्स भी आए. एक कॉलर ने कहा कि न्यूयॉर्क वापस आने का इंतजार करो, ब्राउन बॉय... दूर रहना बेहतर होगा सूअर. एक अन्य वॉइसमेल में कथित JPMorgan मैनेजर ने कहा कि उसके स्किन कलर की वजह से वह वहां अवांछित है और लोग तुम्हें या तुम्हारे जैसे लोगों को यहां नहीं चाहते. एक और कॉल में उसके और उसके परिवार के खिलाफ US इमिग्रेशन अथॉरिटी को सूचित करने की धमकी दी गई.
JPMorgan Chase ने सभी आरोपों से इनकार किया है. बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि आंतरिक जांच में डो के दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जांच के बाद हमारा मानना है कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है. बैंक ने कहा कि कई कर्मचारियों ने जांच में सहयोग किया, जबकि शिकायतकर्ता ने खुद सहयोग करने या सबूत देने से इनकार कर दिया. लोर्ना हजदिनी अभी भी कंपनी में कार्यरत हैं.
डो के वकील डेनियल जे. कैसर ने आरोपों को भयानक बताया और कहा कि उनके मुवक्किल को पेशेवर और भावनात्मक रूप से बहुत नुकसान हुआ है. उन्हें PTSD (पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) का निदान हुआ है और आर्थिक रूप से भी वे संघर्ष कर रहे हैं. मुकदमे में भावनात्मक पीड़ा, खोई हुई आय, प्रतिष्ठा को नुकसान, दंडात्मक मुआवजा और बैंक में कार्यस्थल प्रथाओं में बदलाव की मांग की गई है.