Father Killer Murder: गुरुग्राम के कासन गांव में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को चौंका दिया. 55 वर्षीय सुंदर फौजी, जो पूर्व एनएसजी कमांडो रह चुके हैं, जेल से पैरोल पर बाहर आए थे. सुबह करीब 8:30 बजे जब वे गांव के बाजार के पास एक चबूतरे पर बैठे हुए थे, तभी अचानक उन पर गोलीबारी कर दी गई. हमलावरों ने लगातार पांच राउंड फायरिंग की, जिसमें सुंदर फौजी मौके पर ही ढेर हो गए.
हमलावरों में मुख्य नाम पूर्व सरपंच बहादुर चौहान का बेटा रोहन चौहान बताया जा रहा है. उसके एक साथी के साथ दोनों घटना के तुरंत बाद फरार हो गए. पुलिस ने मौके से दो पिस्तौल बरामद की हैं, जिनमें एक देसी कट्टा भी शामिल है. एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना दर्ज है.
यह हत्या किसी सामान्य घटना से कहीं बड़ी है. यह 19 साल से चली आ रही खूनी दुश्मनी का नया और घातक अध्याय है. साल 2018 में सुंदर फौजी पर बहादुर चौहान की हत्या का आरोप लगा था. दोनों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी मामले में सुंदर फौजी को उम्रकैद की सजा हुई थी. 29 मार्च को वे अपनी भतीजी की शादी के मौके पर पैरोल पर जेल से बाहर आए थे.
ठीक एक महीने बाद ही उनका इस तरह से अंत हो गया. पुलिस के अनुसार यह दुश्मनी 2007 से शुरू हुई थी. साल 2021 में दिवाली की रात को बहादुर चौहान के परिवार पर भारी हथियारों से हमला हुआ था, जिसमें 40 से ज्यादा गोली चलाई गईं और चार लोगों की मौत हो गई थी. आईएमटी मानेसर पुलिस ने मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी है. क्राइम ब्रांच की कई टीमें रोहन और उसके साथी की तलाश में जुटी हुई हैं. दोनों अभी फरार हैं.