जब पूरा देश दीवाली की धूम में था, तब बाबा बागेश्वर पर कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा था, ये सुनेंगे तो आप एक ही सलाह देंगे, बाबाजी अपनी सुरक्षा का ख्याल रखिए. हैरानी की बात ये है कि बाबा बागेश्वर के पास पहुंचने की इतनी खतरनाक कोशिश मुबीन खान ने की है कि एमपी पुलिस का सिर चकरा गया. पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की सुरक्षा में लगे वाई कैटेगरी के कमांडो भी सोचने पर मजबूर हो गए.
तारीख थी 30 अक्टूबर 2024 की, बाबा बागेश्वर के घर के बाहर मुबीन खान हाथों में हथियार लेकर पहुंच जाता है, उसके साथ उसके दो दोस्त भी होते हैं, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार की सेवा में जुटी समिति के सदस्य रोकने की कोशिश करते हैं, पर वो सीधा उनसे भिड़ जाते हैं, ऐसा लगता है जैसे बाबा बागेश्वर तक वो किसी भी तरह से पहुंचना चाहते हैं, पर उनकी कोशिश कामयाब होती, उससे पहले ही एमपी पुलिस इन तीनों को गिरफ्तार कर लेती है. जिसमें मुबीन ऊर्फ बड़े खान, पुष्पेन्द्र पटेल और कुंजबिहारी पटेल शामिल हैं.
इनमें से मुबीन के खिलाफ पहले से 3 मुकदमें दर्ज हैं, जबकि पुष्पेन्द्र के खिलाफ 5 केस हैं, फिर सवाल है इन्हें भेजा किसने, क्या इन्हें उस ग्रुप ने भेजा जो नुपूर शर्मा के बयान के विरोध में मरने-मारने पर उतारू हो जाता है, या फिर विदेश में बैठकर सनातन धर्म को बदनाम करने का अभियान चलाने वालों ने कोई लालच देकर भेजा, क्या मुबीन खान का कोई माइंडवॉश किया गया, जिसके बाद उसने अपने साथ दो हिंदू दोस्त जानबूझकर लिए, ताकि बाबा तक पहुंचने में कोई दिक्कत न आए.
ये कहानी इतनी सरल है नहीं, जितनी आपको लग रही है, क्योंककि जब भी किसी वीवीआईपी के घर से ऐसी गिरफ्तारी होती है तो पहला सवाल यही होता है कि क्या ये लोग घर की रेकी करने गए थे, क्या रेकी की रिपोर्ट ये किसी तीसरे व्यक्ति को देने वाले थे और फिर कोई चौथा बड़ी साजिश को अंजाम देने वाला था. एमपी पुलिस इन तीनों से पूछताछ में जुटी है, इनके तार कहां-कहां से जुड़े हैं, इसका पता लगाने में जुटी है, पर असल सवाल ये है कि क्या बाबा को जेड प्लास कैटेगरी की सुरक्षा अब मिलनी चाहिए.
Y से सीधा जेड प्लस सिक्योरिटी की डिमांड
उनका दावा था बाबा के लिए जैसा हुजूम हर जगह उमड़ पड़ता है, और ये जिस हिसाब से सत्य सनातन धर्म की बात करते हैं, हिंदुओं का एक तरीके से उद्घोष करते हैं, खुलकर हिंदू राष्ट्र की वकालत करते हैं, इन्हें जेड प्लस सिक्योरिटी दिया जाना बेहद जरूरी है, पर तब सरकार ने ध्यान नहीं दिया, हो सकता है शायद अब केन्द्रीय गृहमंत्री तक मोहन यादव सरकार स्पेशल रिक्वेस्ट फाइल बढ़ाए, क्योंकि मुनीब की गिरफ्तारी के बाद एक चीज साफ होती है कि बाबा के लिए खतरा बड़ा है, और वो किसी भी रूप में, कभी भी सामने आ सकता है. इसलिए सतर्क और सावधान दोनों रहना जरूरी होगा. अब तक कई बड़े स्टार की तरह पंडित धीरेन्द्र शास्त्री को धमकियां ही मिल रही थी, लेकिन अब सीधा घर तक दुश्मन पहुंच गए हैं. जिनका मुकम्मल इलाज पुलिस और जांच एजेंसियों को करना होगा.