नई दिल्ली: 14 मई को BSF जवान पूर्णम साहू ने हिंदुस्तान की सीमा में जैसे ही कदम रखा, पूरा हिंदुस्तान खुशी से झूम उठा, हर कोई कह रहा था पाकिस्तान को आखिरकार घुटनों पर आना पड़ा, लेकिन 23 अप्रैल से 14 मई तक करीब 20 दिन बीएसएफ जवान पूर्णम के पाकिस्तान में कैसे बीते, इस दौरान उन्हें क्या-क्या कष्ट झेलना पड़ा, पाकिस्तानी सेना ने उनके साथ क्या गलत व्यवहार किया, इसकी पूरी जानकारी अब सामने आई है. ये इंडिया टूडे की ख़बर है, जो सूत्रों के हवाले से दावा करता है
BSF जवान पूर्णम साहू को पाकिस्तानी सैनिकों ने 20 दिन ब्रश नहीं करने दिया, सोने की कोशिश करते तो जगा दिया जाता
पाकिस्तान के तीन अलग-अलग जगहों पर पूर्णम को ले जाया गया, जिनमें से एक पाकिस्तान के एयरबेस के पास भी था
ज्यादातर वक्त पूर्णम के आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी, ताकि वो वहां कुछ देख न पाए, लेकिन एयरक्राफ्ट की आवाज पूर्णम ने सुनी थी
पाकिस्तान सेना के अधिकारी पूर्णम से इंटरनेशनल बॉर्डर के बारे में जानकारी जुटाना चाहते थे, सुरक्षा से जुड़ी कई खुफिया सवाल पूछे, पर पूर्णम ने कुछ नहीं बताया
ऑपरेशन सिंदूर से दहले पाकिस्तान ने पूर्णम के साथ गाली-गलौज की, लेकिन मारपीट की कोई बात सामने नहीं आई है, उन्हें मानसिक यातनाएं दी गई
पाकिस्तानी सेना के कई बड़े रैंक के अधिकारी और ISI एजेंट ने पूर्णम से पूछताछ की, जो अक्सर सिविल ड्रेस में उनके सामने आते थे
इससे पहले वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंद वर्धमान को जब पाकिस्तान ने पकड़ा था, तब भी उसने कई चाल चलने की कोशिश की थी, कई राज उगलवाने की कोशिश की थी, लेकिन अभिनंदन ने शेर की तरह उनका सामना किया और दुश्मन की कैद में भी मुंह नहीं खोला, और अब पूर्णम साहू ने भी ये बता दिया है कि पाकिस्तान की सेना चाहे कुछ भी कर ले, वो हमारे जवानों का हौसला नहीं डिगा पाएगी, बंगाल में रहने वाला पूर्णम साहू का परिवार इनके वतन वापसी की खुशी में जश्न मना रहा है, उनकी पत्नी बताती हैं
“करीब 23 दिन बात उन्होंने कॉल कर कहा, मैं पूर्णम बोल रहा हूं, तो शुरू में मुझे यकीन ही नहीं हुआ, मैं रोने लगी, उसके बाद वो भी भावुक हो गए. सीएम ममता बनर्जी से हमने दिल्ली जाने की इच्छा जताई थी, उन्होंने कहा था इसकी जरूरत नहीं है, एक हफ्ते में आपको अच्छी न्यूज मिलेगी. और अब पति वापस लौट आए हैं”.
दरअसल बीएसएफ जवान पूर्णम को पाकिस्तानी सेना ने एक पेड़ के नीचे से पकड़ा था, जब वो पंजाब के फिरोजपुर जिले में बॉर्डर पर किसान के साथ ड्यूटी के लिए गए थे, पर घूमते-घूमते पाकिस्तान की सीमा में गलती से जा पहुंचे, कई मीटिंग का दौर चला, उसी दौरान ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारत को मिली, और राजस्थान के श्रीगंगानगर से एक पाकिस्तानी रेंजर भी पकड़ा गया, जो बॉर्डर क्रॉस कर भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था, जैसे ही पूर्णम की वापसी हुई, भारत ने उस पाकिस्तानी रेंजर को भी लौटा दिया, लेकिन अब आगे क्या होने वाला है, किसी को अंदाजा नहीं है, कई एक्सपर्ट ये दावा कर रहे हैं कि अभी भी ऑपरेशन सिंदूर जारी है.