नई दिल्ली: चीन के अखबार GLOBAL TIMES को सरकार ने क्यों बैन किया? क्योंकि चीनी मीडिया और अमेरिकी मीडिया भारत पाकिस्तान के बीच ऐसा दांव चल रहे हैं जो आपको हैरान कर देगा, दरअसल ये लड़ाई सिर्फ भारत-पाक की नही है, बल्कि चीन-ताइवान की भी है! अमेरिका अपना मार्केट बड़ा बनाने के लिए फ्रांस के राफेल की झूठी थ्योरी गढ़ रहा है! पाकिस्तानी PM ने संसद में ये कहा था कि 70-80 विमान भारत के एयरस्ट्राइक करने आए थे, अगले दिन फिर विमान पाकिस्तानी सीमा में घुसे तब पाकिस्तान वायु सेना ने भारत के पांच विमान मार गिराए, जिसमें तीन राफेल थे, और अन्य! यही दावा वहां के रक्षा मंत्री ने किया? इसी दावे के आधार पर विदेशी मीडिया ने ख़बर छापी की भारत का राफेल क्या चीन के JF-17 ने मार गिराया? तो हम इस दावे की पड़ताल! भारत का साथ न देकर पाकिस्तान के साथ चीन अमेरिका क्यों खड़े हैं, इस थ्योरी को दो मिनट में समझिए!
अंग्रेज़ी वेबसाइट का दावा है कि चीन, अमेरिका और कई देशों की मीडिया ने भारत के दो राफेल डाउन होने की ख़बर की है, एक फोटो भी जारी की गई है, लेकिन उस फोटो को देखकर ये कतई नहीं पता चल रहा है कि ये राफेल है! और इस बात का कोई आधार नहीं है कि राफेल को पाकिस्तानी विमान ने मारा है? पाकिस्तान के रक्षा मंत्री से भी सबूत मांगा गया लेकिन उन्होंने कहा भारत सोशल मीडिय पर ऐसा चल रहा है, पाकिस्तान के पीएम ने भी कोई फुटेज़ नहीं दिया! अगर चीन की कंपनी के बनाए विमान JF-17 ने राफेल को डाउन किया है तो कॉकपिट का वीडियो कहां है? जैसे भारत ने हर हमले की जानकारी दी? वो वीडियो पाकिस्तान ने क्यों नहीं? विदेशी मीडिया भी इस बात को मानता है कि युद्ध में नुकसान हो सकता है, लेकिन भारत ने अपने लक्ष्य को हासिल किया!
सेना ने ये भी माना था कि पाकिस्तान की तरफ से पहलगाम की घटना इसलिए करवाई गई थी ताकि हिन्दुस्तान में हिन्दू और मुसलमानों के बीच दंगा हो, भारत को घेरा जाता! इसलिए PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोफिया कुरैशी को उतारा, इस काम को अंजाम तक पहुंचाने में जो सबसे ब़ड़े हीरो बने वो हैं ओवैसी, जिन्होंने मुसलमानों को अपने बयान से एक कर दिया, और ये समझाया कि युद्ध के हालात में राष्ट्रप्रेम से ऊपर कुछ भी नहीं होता है!
चीन की चाल समझिए, चीन ने जो हथियार बनाए हैं, उनका मकसद पाकिस्तान को देना नहीं है, बल्कि ताइवान के साथ युद्ध करना है, ताइवान पर अमेरिका का हाथ है, और चीन हथियार चलवाकर भारत पर टेस्टिंग की फिराक में था, नतीजा न चीन को कोई विमान टिका, न तुर्की का कोई ड्रोन, और अमेरिका का F-16 भी भारतीय वायुसेना ने मार गिराया था. भारत कुल चार देशों से लड़ रहा था. लेकिन बड़े गर्व की बात ये है कि सबकुछ स्वदेशी हथियार के दम पर हुआ, रूस से आया S-400 का प्रयोग न के बराबर हुआ, पाकिस्तान के हर हमले का जवाब स्वदेशी आकाश ने दिया! इसलिए जो कुछ होता है उसे खुली आंखों से देखने पर सामान्य लगेगा, लेकिन जब आपके कंधे पर देश की जिम्मेदारी होगी तो आप सोफिया और व्योमिका दोनों को एक साथ एक चश्मे से देखेंगे!