पटना : पश्चिम चंपारण की लौरिया विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक विनय बिहारी बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चे पर उतर गए हैं. विधायक ने जिला प्रशासन पर मनमानी और प्रभावित परिवारों को अपेक्षित राहत नहीं मिलने का आरोप लगाया है. 28 सितंबर को उन्होंने ऐलान किया था कि समाधान नहीं हुआ तो 29 सितंबर से जिला समाहरणालय परिसर में धरना देंगे.
विनय बिहारी का कहना है कि जोगापट्टी प्रखंड की 12 पंचायतों के सैकड़ों गांव गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं. उनके मुताबिक सिसवा और मंगलपुर इलाके में कई घर बाढ़ के कारण नदी में समा चुके हैं. वहीं लौरिया प्रखंड में सिकरहना, बलौर, मसान और पंडई नदियों के बढ़े जलस्तर से भी कई पंचायतों में परेशानी हुई है.
विधायक ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं और मुआवजे को लेकर वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चार बार मुलाकात कर चुके हैं. इसके अलावा आपदा प्रबंधन मंत्री से दो बार और जिलाधिकारी से भी कई बार बातचीत करने की बात उन्होंने कही है. उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट के अलावा अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है.
विनय बिहारी ने साफ कहा था कि अगर बातचीत से समस्या का समाधान नहीं निकला तो वह समाहरणालय में धरना देंगे. उनका आंदोलन मुख्य रूप से बाढ़ पीड़ितों को राहत और उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर है.
इधर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 सितंबर को खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था और अधिकारियों को स्थिति की जानकारी लेकर राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे.