पटना : बिहार पुलिस की कमान अब पहली बार किसी महिला अधिकारी के हाथों में पहुंची है. 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा ने बिहार के DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है. मौजूदा DGP विनय कुमार के 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर जाने के बाद सरकार ने प्रीता वर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी है. यानी फिलहाल वह कार्यवाहक DGP के तौर पर बिहार पुलिस की कमान संभाल रही हैं.
प्रीता वर्मा बिहार कैडर की वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं और तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर का अनुभव उनके साथ है. बिहार सरकार के रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 1 जुलाई 1968 को हुआ और वह 1991 बैच की IPS हैं. वर्तमान में वह होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं से जुड़ी वरिष्ठ जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
DGP का प्रभार मिलते ही प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं. रिपोर्टों के मुताबिक सूखे नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले की सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी पर खास जोर दिया गया है. जिलों के पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों में सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं.
प्रीता वर्मा का पारिवारिक कनेक्शन भी चर्चा में है. उन्हें झारखंड की पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की बहन बताया जाता है. यानी एक ही परिवार से प्रशासन और पुलिस सेवा के शीर्ष स्तर तक पहुंचने वाली दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों का नाम सामने आता है.
अब बिहार पुलिस के लिए यह बदलाव सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इतिहास में दर्ज होने वाला क्षण भी है. अगर आगे उन्हें नियमित DGP नियुक्त किया जाता है, तो प्रीता वर्मा बिहार की पहली स्थायी महिला DGP बनेंगी. फिलहाल उनकी जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार की है और 5 अक्टूबर के बाद DGP पद को लेकर सरकार का अगला फैसला महत्वपूर्ण होगा.