गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया और मच्छर की तरह इंसेफेलाइटिस भी लगभग समाप्त हो चुका है. साढ़े नौ साल पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से बच्चे तड़पते थे और माता-पिता चिंतित रहते थे. आज वह चिंता खत्म हो गई है और लोग नए गोरखपुर तथा नए उत्तर प्रदेश का दर्शन कर रहे हैं.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गोरखपुर द्वारा संचालित चैरिटेबल ब्लड बैंक के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र था, जहां एक बेड पर चार-चार मरीज भर्ती रहते थे और इंसेफेलाइटिस वार्ड में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था. आज वही कॉलेज सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बन चुका है. गोरखपुर में एम्स भी स्थापित हो गया है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो गई है. दो एम्स संचालित हैं. एमबीबीएस की सीटें 4600 से बढ़कर 13500 से अधिक हो चुकी हैं और पीजी सीटें दोगुनी हो गई हैं. सभी जिला अस्पतालों में 10-10 बेड की डायलिसिस यूनिट शुरू की जा रही है.
योगी ने कहा कि पहले हर जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ी थी. डॉक्टर अपहरण, रंगदारी और धमकियों के शिकार होते थे. आज चिकित्सक, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. प्रदेश की पहचान अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य से बन रही है.
रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि खून बनाया नहीं जा सकता. यह संवेदना का प्रतीक है. उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं पर अंकुश लगाने और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की. IMA के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्था ने निशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर शुरू करके सामाजिक जिम्मेदारी का अच्छा उदाहरण पेश किया है.