राघोपुर: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में 13 मासूम बच्चों की मौत के गम के बीच रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जन सुराज के संस्थापक एवं विधायक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में भाजपा और जदयू नेताओं के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस घटना में जदयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए. उनकी नाक पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया.
नाव हादसे की जांच की मांग पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, राघोपुर के रामपुर श्यामचंद पंचायत स्थित भगतान टोला में नाव हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के दशकर्म कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी कार्यक्रम में शामिल होने और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के लिए प्रशांत किशोर पहुंचे थे. इसी दौरान जदयू नेता अजीत यादव ने नाव हादसे की जांच कराने की मांग उठाई. उन्होंने सवाल किया कि हादसे में इस्तेमाल की गई नाव सरकारी थी या निजी और इसकी जिम्मेदारी किसकी थी. इसी मुद्दे पर भाजपा नेता एवं पूर्व मुखिया गगन राय के साथ उनकी कहासुनी शुरू हो गई.
देखते ही देखते मारपीट में बदल गई बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गई. आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने अजीत यादव पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे उनकी नाक पर गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. घायल जदयू नेता को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से फतेहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की खबर है.
पूर्व मुखिया पर गंभीर आरोप
घायल जदयू नेता अजीत यादव ने आरोप लगाया कि नाव हादसे की जांच की मांग करने पर उन पर हमला किया गया. उन्होंने पूर्व मुखिया और उनके परिजनों पर मारपीट में शामिल होने का आरोप भी लगाया. अजीत यादव ने यह भी दावा किया कि जिस स्थान पर नाव हादसा हुआ, वहां मिट्टी की खुदाई के कारण गहरा गड्ढा बन गया था. हालांकि, हादसे के कारणों और इस आरोप की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी. दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान सामने आना भी बाकी है.
झड़प के बाद गांव से रवाना हुए प्रशांत किशोर
कार्यक्रम के दौरान अचानक हुई मारपीट के बाद वहां तनाव का माहौल बन गया. रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर प्रशांत किशोर करीब 10 मिनट के भीतर अपने काफिले के साथ गांव से रवाना हो गए. घटना के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई. बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पीड़ित परिवारों से मिलने राघोपुर आने वाले थे, लेकिन झड़प और तनाव की सूचना के बाद उनका दौरा रद्द हो गया.
पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई का इंतजार
राघोपुर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के अनुसार, मारपीट की घटना हुई है. पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. एक तरफ 13 बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा है, तो दूसरी तरफ शोक कार्यक्रम के दौरान हुई इस हिंसक झड़प ने इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है.