बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच तनातनी की खबरें चर्चा में हैं. इस बार वजह बना है एक कथित स्टिंग ऑपरेशन, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जोड़ा जा रहा है. सिद्धारमैया के बेटे और कैबिनेट मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है और आरोप लगाया है कि इसे जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए तैयार किया गया.
यतींद्र का कहना है कि 2023 में ‘पावर टीवी’ के एमडी राकेश शेट्टी द्वारा बनाया गया यह कथित स्टिंग वीडियो कुछ कांग्रेस नेताओं की साजिश हो सकता है. उन्होंने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता का भी जिक्र किया, जो 2023 के विधानसभा चुनाव में पुत्तूर सीट से टिकट चाहती थीं. यतींद्र ने कहा कि उनके पिता इस घटना से काफी परेशान हैं. 40 साल के सार्वजनिक जीवन में उन पर कभी कोई दाग नहीं लगा और राजनीतिक करियर के अंतिम पड़ाव पर ऐसा होना उन्हें दुखी कर रहा है.
विपक्ष ने उठाया मुद्दा
भाजपा और सहयोगी जेडीएस ने इस विवाद का फायदा उठाने की कोशिश की है. केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी. उन्होंने शिवकुमार को कर्नाटक का “स्टिंग किंग” तक करार दिया और सिद्धारमैया से अपील की कि वे इस मामले पर खुलकर बोलें, ताकि अफवाहों से उनकी छवि खराब न हो.
इसपर सिद्धारमैया ने साफ कहा, “मुझे किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है. जनता और पूरे राज्य को सच पता होना चाहिए. मुझे जांच प्रक्रिया पर भरोसा है. मेरी मांग है कि सच सामने आए और पता चले कि इस साजिश के पीछे कौन है.”
शिकायत और अदालती कार्रवाई
सिद्धारमैया ने 6 अक्टूबर को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. एफआईआर में यूट्यूब चैनल पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने वालों के खिलाफ जांच की मांग की गई है. 13 अक्टूबर को स्थानीय अदालत ने इस फर्जी स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अंतरिम रोक भी लगा दी है. राकेश शेट्टी को अंतरिम जमानत मिल चुकी है. यह विवाद कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक असंतोष और सत्ता संघर्ष को फिर से रेखांकित कर रहा है.