मदन मित्रा ने राजनीति छोड़ने का संकेत दिया, कहा- ‘बहुत नफरत हो गई है, थक चुका हूं’

Amanat Ansari 24 Oct 2026 12:23 PM 1 Mins
मदन मित्रा ने राजनीति छोड़ने का संकेत दिया, कहा- ‘बहुत नफरत हो गई है, थक चुका हूं’

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति के अनुभवी नेता और कामारहाटी विधायक मदन मित्रा ने सक्रिय राजनीति छोड़ने पर विचार करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि राजनीति में बहुत ज्यादा नफरत हो गई है और वे इससे थक चुके हैं. मित्रा पहले तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी रहे थे. बाद में उन्होंने ममता गुट से अलग होकर रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही तृणमूल गुट में शामिल हो गए थे.

गुरुवार को एक बंगाली टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक माहौल से निराशा जताई. उन्होंने कहा, “पहले की दुर्गा पूजाओं में इतने आंसू नहीं बहते थे. इस बार दुख और परेशानी का माहौल है.”

मित्रा ने आम लोगों की मुश्किलों पर चिंता जताते हुए बताया कि वे अपने क्षेत्र (उत्तर 24 परगना) में स्वतंत्र रूप से घूम-फिरकर मतदाताओं से नहीं मिल पा रहे हैं. “जो लोग मुझे वोट देते थे, वे मुझसे मिल भी नहीं सकते. मैं उलझन में हूं. मैं कुछ ऐसा नहीं करना चाहता जिससे लोगों को परेशानी हो,” पीटीआई के हवाले से मित्रा ने कहा.

उन्होंने आगे कहा, “एक रास्ता है राजनीति छोड़ देना. मैं बहुत थक गया हूं. राजनीति में इतनी नफरत है. मुझे राजनीति से नफरत है.” मित्रा ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के व्यस्त कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उनसे मिलने की इच्छा जताई. साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने कहा, “दीदी (ममता बनर्जी) और मेरे छोटे भाई सुवेंदु को मेरी शुभकामनाएं. हमारे मुख्यमंत्री इतने सक्रिय और व्यस्त हैं, लेकिन एक प्रजा के रूप में मैं उनसे मिलना चाहता हूं.” मदन मित्रा के इन बयानों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में व्याप्त तनाव और थकान का अंदाजा लगता है.

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