चंडीगढ़: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद तीन दिवसीय हड़ताल वापस ले ली है. कर्मचारियों के इस फैसले से बिजली आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है. संयुक्त संघर्ष समिति ने तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात कही है.
निजीकरण के विरोध में चल रही थी हड़ताल
हरियाणा में बिजली कर्मचारी राज्य के बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री के विरोध में हड़ताल पर थे. हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का लाइसेंस दिया था. कर्मचारियों ने इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताते हुए विरोध किया था.
सरकार ने दिया निजीकरण नहीं होने का आश्वासन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक में कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि राज्य के बिजली क्षेत्र का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा. सरकार ने HERC के फैसले की समीक्षा कराने के लिए बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कदम उठाने का निर्णय भी लिया है. इसके साथ ही सरकार आयोग के आदेश को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों पर भी काम कर रही है.
बिजली कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर चर्चा के लिए अगली बैठक 3 नवंबर को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है. फिलहाल हड़ताल वापस होने से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है.