आ रहा सीजन का पहला चक्रवात अर्नब, 140 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD का रेड अलर्ट

Amanat Ansari 24 Oct 2026 11:58 AM 1 Mins
आ रहा सीजन का पहला चक्रवात अर्नब, 140 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD का रेड अलर्ट

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में इस सीजन का पहला चक्रवाती तूफान बनने की आशंका बढ़ गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 26 अक्टूबर तक यह सिस्टम चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. अगर यह बनता है तो इसका नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा. यह नाम बांग्लादेश ने सुझाया है. बंगाली भाषा में अर्नब का मतलब ‘महासागर’ होता है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है. इससे तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ जिलों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है.

तूफान की संभावित समय

  • 24 अक्टूबर: कम दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव में बदल सकता है.  
  • 25 अक्टूबर: सिस्टम और मजबूत होकर गहरे अवदाब में तब्दील होने की संभावना.  
  • 26 अक्टूबर: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान.  
  • 28 अक्टूबर के आसपास: तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है.

हवा की रफ्तार कितनी होगी?

26 अक्टूबर की सुबह से प्रभावित क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने पर तूफान और ताकतवर हो सकता है. यहां हवा की रफ्तार 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है.

किन इलाकों में भारी बारिश का खतरा?

  • विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली: 27 और 28 अक्टूबर को बेहद भारी बारिश.  
  • श्रीकाकुलम और विजयनगरम: भारी से बहुत भारी बारिश.  
  • काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी: भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना.  
  • एलुरु और कृष्णा जिले के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान.

मछुआरों को सख्त सलाह

बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में समुद्र पहले से अशांत है. आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अक्टूबर में पहले भी विनाशकारी चक्रवात आ चुके हैं. 2014 में हुदहुद और 2018 में तितली तूफान ने काफी नुकसान पहुंचाया था. ऐसे में प्रशासन और लोग सतर्क रहें. मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है.

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