लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने दावा किया है कि उन्होंने रात में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया है. एक्स पर पोस्ट में उमराव ने लिखा, ''एक IAS का खूब PR हो रहा है कि इस्तीफा दे दिया. लेकिन यह नहीं बताया जा रहा कि रात के अंधेरे में राहुल गांधी से मिलने के बाद इस्तीफा दिया है. ताकि यूपी चुनाव में पप्पू का एजेंडा फैलाया जा सके. सदैव राजा रहने की इच्छा थी इसलिए संयुक्त सचिव का पद रास नहीं आया. क्योंकि DM के बाद सीधा कमिश्नर बनना था.''
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दिव्या मित्तल आत्ममुग्धता और PR की ललक में मोदी सरकार की योजनाओं को अपना प्रयास बताती थीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से नहीं बनती थीं और हर जगह राजा की तरह व्यवहार करती थीं. पति के दलाली के धंधे और करोड़ों रुपये इकट्ठा करने के भी आरोप लगाए.
दिव्या मित्तल ने खुद इस्तीफे के बाद भावुक पोस्ट में लिखा था कि वे 13 साल की यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दे रही हैं. आईआईटी दिल्ली, आईआईएम बैंगलोर और लंदन की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए लौटी थीं. उन्होंने कहा कि पद छूट गया है, लेकिन देश के लिए देखा सपना और लोगों का विश्वास साथ रहेगा. वे राजस्व विभाग में विशेष सचिव थीं और पहले मिर्जापुर व देवरिया की डीएम रह चुकी हैं. उमराव के दावों पर दिव्या मित्तल या कांग्रेस की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.