कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर NCPI में शामिल हुए सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंदोपाध्याय समेत करीब 20 बागी सांसदों के गुट को भारतीय जनता पार्टी ने करारा झटका दे दिया है. भाजपा ने साफ कह दिया है कि वह कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव में इस गुट के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी और अकेले ही मैदान में उतरेगी.
बागी गुट के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने बुधवार को दावा किया था कि उनकी पार्टी NCPI, NDA के हिस्से के रूप में भाजपा के साथ कोलकाता नगर निगम चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से बात कर ली है और इसकी पुष्टि हो गई है. लेकिन उनके बयान से कुछ घंटे पहले ही KMC चुनाव प्रभारी और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि भाजपा किसी सहयोगी के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी.
मजूमदार ने कहा, “हमारे प्रदेश अध्यक्ष पहले ही बता चुके हैं कि राज्य में भाजपा का कोई सहयोगी नहीं है. हमने बंगाल में विधानसभा चुनाव भी अकेले लड़ा और कई सीटें जीतीं. इसलिए किसी सहयोगी के साथ KMC चुनाव लड़ने पर कोई चर्चा नहीं हुई है.”
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि NCPI के साथ गठबंधन करना पार्टी के लिए मुश्किल हो सकता है, क्योंकि ये सभी सांसद कुछ महीने पहले तक तृणमूल कांग्रेस में थे. एक नेता ने कहा कि अगर भाजपा इनके साथ चुनाव लड़ती है तो सालों से जिन लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई, वे भाजपा के समर्थन से चुनकर आ जाएंगे, जो दुर्भाग्यपूर्ण होगा.
यह फैसला एनडीए के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है. भाजपा लोकसभा और राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के लिए इन बागी सांसदों के समर्थन पर नजर लगाए हुए है. अगर यह गुट नाराज हुआ तो केंद्र सरकार के कुछ महत्वपूर्ण बिलों, खासकर परिसीमन बिल को पारित कराने में दिक्कत आ सकती है. कोलकाता नगर निगम चुनाव दिसंबर 2026 तक होने की संभावना है.