Vijay Government Controversy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय (सी. जोसेफ विजय) की सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है. उनके वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने विधानसभा में ऐसा बयान दे दिया कि पूरे राज्य में सियासी तूफान खड़ा हो गया है. सोमवार को सदन में बोलते हुए वित्त मंत्री विल्सन ने दावा किया कि पिछली डीएमके सरकार के दौरान चेन्नई में अपने शैक्षणिक संस्थानों को मंजूरी दिलाने के लिए उन्हें स्कूली शिक्षा विभाग को भारी रकम रिश्वत के रूप में देनी पड़ी थी.
उन्होंने कहा कि मैं खुद इसका सबूत हूं, मैं ही गवाह हूं… और मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं. इस बयान के तुरंत बाद विपक्षी दल डीएमके और भाजपा हमलावर हो गए. दोनों पार्टियों ने मंत्री के खिलाफ तत्काल जांच और जांच पूरी होने तक उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है.
डीएमके नेता अनबिल महेश पोयामोझी ने कहा कि विधानसभा में एक मंत्री खुद स्वीकार कर रहा है कि उसने रिश्वत दी, यह बहुत बड़ा अपराध है. मैं सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण निदेशालय (DVAC) से अनुरोध करता हूं कि वह विल्सन के खिलाफ तुरंत जांच शुरू करे. तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि कानून की नजर में रिश्वत देना और लेना दोनों अपराध हैं. सरकार को दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने विल्सन का बचाव किया. उन्होंने उन्हें अपराधी नहीं बल्कि ‘व्हिसलब्लोअर’ बताया और कहा कि उन्होंने पिछली सरकार की धांधलियों को सामने रखा है. बता दें कि विजय की टीवीके सरकार पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने खारिज किया था. अब यह नया विवाद उनकी सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है.