पहले गोंडा में गाड़ी वाला कांड, अब बलिया में नेवी जवान के साथ BJP कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

Global Bharat 30 May 2024 03:34: PM 2 Mins
पहले गोंडा में गाड़ी वाला कांड, अब बलिया में नेवी जवान के साथ BJP कार्यकर्ताओं ने की मारपीट

गोंडा से लेकर बलिया तक से जो तस्वीर सामने आई है वह इसी बात की गवाही देती है कि पहले गोंडा में सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे पर दो लोगों को गाड़ी से कुचलने का आरोप लगा, जिसका वीडियो सामने आया. अब बलिया से एक नेवी जवान की पिटाई की ख़बर सामने आई है. एफआईआर की कॉपी अगर आप पढ़ेंगे तो पूरा मामला राजनीतिक लगता है, लेकिन सवाल ये है कि जो पार्टी सेना के सम्मान की बात करती है, जिसके बड़े-ब़ड़े नेता सेना के साथ होली-दीवाली मनाते हैं. उसी पार्टी के कार्यकर्ता एक सेना के जवान पर हाथ कैसे उठा सकते हैं.

एफआईआर कॉपी में नेवी जवान के पिता ने पूरी घटना का सिलसिलेवार तरीके से जिक्र किया है. एफआईआर कॉपी में लिखा गया कि मैं संतोष कुमार सिंह, पुत्र स्वर्गीय राम अवध सिंह, कर्ण छपरा, थाना दोकटी, जनपद बलिया का निवासी हूं. चुनावी रंजिश को लेकर सुरेन्द्र नाथ सिंह के बेटे विद्याभूषण सिंह ऊर्फ हजारी सिंह ने मुझे तीन दिन पहले धमकी दी थी कि अपने लड़के ऋतुराज सिंह को कहो कि वह पूर्व विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह के साथ प्रचार-प्रसार करे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. 

29 मई 2024 को सुबह करीब 10 बजे NH 31 पर सुरेंद्र नाथ सिंह, उनके बेटे विद्याभूषण, अभय सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, रितेश सिंह, प्रभंजन प्रताप सिंह और धनंजय सिंह ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडे आदि से ऋतुराज पर हमला कर दिया. उसे बचाने आए गांव के दिवेश कुमार को भी घायल कर दिया. पिटाई से ऋतुराज की हालत गंभीर हो गई. बाद में पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया.

खुद ऋतुराज ने ये कहा है कि करीब 30 लोगों ने मिलकर मेरा हाल ऐसा किया, क्योंकि मैंने उनका चुनाव प्रचार करने से मना कर दिया. लोकतंत्र में सबको इस बात का अधिकार है कि वो चुनाव लड़े या किसी का चुनाव प्रचार करे. हालांकि यहां एक सवाल ये भी उठ रहा है कि जब कोई सरकारी कर्मचारी किसी के पक्ष में प्रचार नहीं कर सकता तो फिर नेवी जवान पर ऐसा दबाव क्यों बनाया गया.

सवाल ये भी उठता है कि आखिर ये कौन लोग हैं जो मोदी-योगी की उस छवि को खराब करना चाहते हैं. आज यूपी का कोई माफिया हो या छोटा-मोटा अपराधी ये सोचकर गलती करने से बचता है कि कहीं बाबा का बुलडोजर न आ जाए. पर जब बीजेपी के अपने ही लोग ऐसा करेंगे तो फिर आम जनता के मन में सुरक्षा की भावना कैसे आएगी.

जिस बलिया से ये तस्वीर सामने आई है, वहां के पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह के रसूख का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पार्टी ने इनका टिकट काटा तो इन्होंने बागी रुख अपना लिया था और अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोबारा से इन्हें बीजेपी ने पार्टी में शामिल करवा लिया. बलिया की जनता इस बात को अच्छी तरह जानती है कि सुरेन्द्र नाथ सिंह की छवि कितनी अच्छी और कितनी दागदार है.

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