नई दिल्ली: पिछले 10 दिनों से पाकिस्तान की गिरफ्तर में कैद भारतीय सीमा सुरक्षा बल का जवान अब वापस हिन्दुस्तान लौट चुका है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन 23 अप्रैल को कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार को पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लिया था, जिसे वापस करने में पाकिस्तान काफी समय से बहानेबाजी करने में लगा हुआ था. लेकिन भारत सरकार और भारतीय सेना का दावाब आखिरकार काम आया है, और 14 मई को पड़ौसी देश को हमारी सेना के जवान को वापस भेजना ही पड़ा.
गलती से बॉर्डर पार कर गए थे पूर्णम
बीएसएफ के जवान पूर्णम की तैनाती पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में थी, जहां वो अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास फसल काटने गए किसानों के साथ तैनात थे, इसी दौरान पूर्णम ने गलती से इंटरनेशनल सीमा को क्रॉस कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारतीय जवान को हिरासत में ले लिया था. ये घटना पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन की है, उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच काफी तनाव भी था, जिसकी वजह से पाकिस्तान लगातार हमारे सैनिक को वापस भेजने में आनाकानी करने में लगा हुआ था.
अब घुटनों पर आया पाक
6-7 मई की रात को जब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, और पाकिस्तान के अंदर घुस कर सैकड़ों आतंकियों को एयर स्ट्राइक से ढ़ेर कर दिया तब दोनों देशों में तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया था. जिसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भारत में हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों के बाद उनकी सेना को भी मुंहतोड़ जवाब दिया. हमारी सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुस कर खूब तबाही मचाई. खुद को बरबाद होता देख पाक अमेरिका समेत की देशों के पास पहुंचा, फिर भारत के सामने सीजफायर की गुहार लगाई. तब कहीं जाकर पाकिस्तान के साथ भारत का सीजफायर हुआ. और अब सीजफायर के बाद पाकिस्तान को भारतीय जवान भी वापस लौटान पड़ा है.
पत्नी ने जताई थी पीएम मोदी से उम्मीद
भारतीय जवान पूर्णम सिंह की पत्नी ने उम्मीद जताई थी कि पीएम मोदी उनके पति को सही सुरक्षित वापस लेकर आएंगे. उन्होंने कहा था कि मुझे अपने देश के प्रधानमंत्री पर भरोसा है. और अब उनका ये भरोसा एकदम सही साबित भी हुआ है.