फरीदाबाद: दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट के बाद हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का दौर तेज हो गया है. प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों के तहत पैमाइश पूरी कर ली है और जल्द ही बुलडोजर चलाने की योजना बना रहा है.
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है, जबकि यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को दो नोटिस जारी किए गए हैं. सिद्दीकी लगातार जांच एजेंसियों के निशाने पर आ रहे हैं. ब्लास्ट में विस्फोटक लदे वाहन को खुद उड़ाने वाले अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी के नए राज खुल रहे हैं.
जांच में सामने आया कि ब्लास्ट से 10 दिन पहले उमर ने नूंह जिले की हिदायत कॉलोनी में किराए का एक कमरा लिया था. यह कमरा दिल्ली-अलवर रोड पर एक महिला के घर में स्थित है, जहां अब ताला लटक रहा है. पुलिस के मुताबिक, 10 नवंबर को उमर इसी मकान से अपनी ह्यूंडई i-20 कार में विस्फोटक भरकर निकला था.
यह जगह यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का मकान बताई जा रही है. शोएब पहले से ही पुलिस हिरासत में है और उसी ने उमर को यह ठिकाना मुहैया कराया था. शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की निवासी है, जबकि उसका ससुराल खिल्लुका गांव में है. मामले में 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' के पर्दाफाश के बाद दिल्ली में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो FIR दर्ज हो चुकी हैं.
पहली FIR नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है, तो दूसरी गलत तरीके से मान्यता हासिल करने के आरोपों पर आधारित है. यूजीसी और नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने भी फर्जी मान्यता के दावों पर शो-कॉज नोटिस जारी किया है. एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (AIU) ने यूनिवर्सिटी की सदस्यता निलंबित कर दी है, जबकि वेबसाइट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने सभी रिकॉर्ड्स का फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है.
डॉ. उमर नबी, जो पुलवामा के मूल निवासी थे, यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे. ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई, जिसमें उमर खुद भी शामिल थे. जांच से पता चला कि यह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा मॉड्यूल था, जो बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ पर कई शहरों में धमाके की साजिश रच रहा था. यूनिवर्सिटी कैंपस से डायरी और नोटबुक बरामद हुईं, जिनमें कोडेड मैसेज और हमलों की योजना थी. एनआईए ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ज्यादातर कश्मीरी डॉक्टर हैं.
प्रशासन की इस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी के 70 एकड़ कैंपस पर सन्नाटा पसर गया है. छात्रों और स्टाफ की आवाजाही कम हो गई है, जबकि फंडिंग और जमीन के स्रोतों की जांच ईडी को सौंपी गई है. सिद्दीकी का मध्य प्रदेश से दिल्ली तक का सफर अब सवालों के घेरे में है, जहां वे पहले निवेश घोटाले के आरोपी रह चुके हैं.