अतीक का वो करीबी जिसे पकड़ना पुलिस के लिए है बड़ी चुनौती, 19 साल में नहीं आया हाथ!

Global Bharat 28 Feb 2023 3 Mins
अतीक का वो करीबी जिसे पकड़ना पुलिस के लिए है बड़ी चुनौती, 19 साल में नहीं आया हाथ!

पूर्वांचल का वो माफिया, जिसके आगे बड़े-बड़े आईपीएस भी नहीं टिक पाए, लखनऊ में बैठकर प्लानिंग बनती कि उसे कैसे पकड़ा जाए, हर बार पुलिस जंगलों में भेजी जाती, पर वो भाग निकलता, कई बार तो वो खुद की मर्जी से जेल में भी एक गैंगस्टर से मुलाकात के लिए गया, लेकिन पुलिस उसे कभी नहीं पकड़ पाई,कहते हैं कई बार तो वो पुलिस के सामने से निकला, और पुलिस गोली चलाना तो दूर उससे कुछ कह भी नहीं पाई, क्योंकि असल में उसकी कोई फोटो किसी पुलिसवाले के पास है ही नहीं, जिस जमाने में मिनटों में थाने में फोटो वायरल हो जाती है, अपराधी की धर पकड़ तेज हो जाती है, उस जमाने में वो मोबाइल तक नहीं रखता, मतलब 21वीं सदी में भी वो बीहड़ के डकैत की तरह जिंदगी जी रहा है, जिसे सिर्फ और सिर्फ अपना बदला पूरा करना है. इसकी कहानी आपको इसलिए सुननी चाहिए ताकि आप ये जान सकें कि योगीराज में एक माफिया ऐसा भी है, जिसका एनकाउंटर पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों के लिए भी आसान नहीं होगा.

ये वो दौर था जब बृजेश सिंह का पूर्वांचल में दबदबा बढ़ता जा रहा था, उन्हीं के गांव धौरहरा का एक लड़का मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था, उसके पांच भाइयों में से कई भाई घर पर ही रहते थे, एक दिन पता चला कि बृजेश सिंह के गुर्गों ने उसके पिता हरिहर सिंह को मार दिया, बृजेश सिंह का कहना था हरिहर सिंह ने मेरे पिता को मारा इसलिए मैंने बदला लिया, लेकिन यहां से लड़ाई दोबारा शुरू हो गई, वो लड़का नौकरी छोड़कर बदला लेने वापस आया. जैसे मिर्जापुर और रक्तांचल समेत कई वेब सीरीज में आपने पूर्वांचल का खौफ देखा, वो असल में वहां रहने वाले लोगों ने अपने दौर में देखा है. पुलिस के सामने ये चुनौती होती थी कि एक गैंग खत्म भी नहीं होता था और दूसरा पनप जाता था.
4 मई 2013 को सबसे पहले इंद्रदेव ऊर्फ बीकेडी ने बृजेश सिंह के करीबी अजय को निशाना बनाया
उसके बाद 3 जुलाई 2013 को बृजेश सिंह के चचेरे भाई सतीश सिंह को गांव में घुसकर मारा
कहते हैं शुरुआत में बीकेडी ने अतीक की मदद से अपना साम्राज्य बनाया, लेकिन अब वो अकेला है

फिर भी जानी दुश्मन बृजेश सिंह के दिल में उसका खौफ ऐसा है कि 14 साल बाद जब बृजेश सिंह जेल से बाहर निकले तो दिल में सिर्फ यही खौफ था कि कहीं इंद्रदेव सिंह ऊर्फ बीकेडी से आमना-सामना न हो जाए. जबकि बीकेडी इस इंतजार में है कि कब बृजेश सिंह के पास वो पहुंचे, फिलहाल बीकेडी के बारे में जितनी जानकारी मीडिया में आई है उसके मुताबिक वो मुन्ना बजरंगी गैंग का सरगना बन चुका है, दरअसल बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद गैंग नंबर 233 को नए सरगना की तलाश थी, जिसकी सबसे बड़ी शर्त यही थी कि जो बृजेश का बड़ा दुश्मन होगा, वही इसका मुखिया बनेगा, बीकेडी को मुन्ना बजरंगी का काफी करीबी भी माना जाता था, कहते हैं मुन्ना बजरंगी जब झांसी जेल में बंद था तब बीकेडी रूप बदलकर कई बार उससे मिलने भी आया, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई, यहां भी उसकी तस्वीर का लोचा फंसा. खुद बीकेडी ऊर्फ इंद्रदेव एक ऐसा शूटर है जिसकी कोई गोली खाली नहीं जाती, इसीलिए उसे पकड़ने के लिए यूपी पुलिस को ऐसे ऑफिसर भेजने होंगे जो न सिर्फ उससे बच सकें, बल्कि उसे पकड़कर ला भी सकें. चूंकि बाबा ने ये ऐलान कर दिया है कि कोई भी माफिया या बाहुबली यूपी में नहीं बचेगा, तो फिर उसे पकड़ने का क्या नया प्लान बना सकता है, ऐसे अपराधियों को कैसे पकड़ा जा सकता है ये देखने वाली बात होगी, अगर बृजेश सिंह को बिठाकर उसका स्केच बनवाया जाए और फिर उसे थानों में सर्कुलेट किया जाए तो उसे पकड़ा जा सकता है, क्योंकि इकलौते बृजेश सिंह ने ही सिर्फ उसका चेहरा देखा है. बाकी आपको क्या लगता है, पुलिस को क्या करना चाहिए, कमेंट में बता सकते हैं.

https://youtu.be/hBPl-O5TKZ8

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