जब इजरायल के आसमान में मिसाइलें नजर आ रही थीं, इंडियन एयरफोर्स ने बेड़े से अपने घातक विमान हवा में क्यों उड़ा दिए थे. ये विमानों की गड़गड़ाहट, क्या कुछ बड़ा होने का इशारा करती है? 24 घंटे पहले ही इंडियन आर्मी के चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी कहते हैं, सबकुछ सामान्य नहीं है. तो क्या कुछ नया होने वाला है. इनके बयान से 24 घंटे पहले ही इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ की नियुक्ति होती है.
30 सितंबर को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह पदभार संभालते हैं और इंडियन एयरफोर्स को आदेश देते हैं कि हर हालात के लिए तैयार रहना है. ऐसे में इनके बयानों के तुरंत बाद इस तरह की तस्वीर देखकर दुश्मनों की नींद उड़ गई है. ये तस्वीरें चेन्नई के आसमान की हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी इंडियन एयरफोर्स को सैल्युट करेंगे. इन्हें देखकऱ ऐसा लगता है जैसे इंडियन एयरफोर्स किसी जंग की तैयारी में जुटी है. कभी हवा में तेजी से टैक्सी की तरह एक लाइन में दिखते हेलीकॉप्टर तो कभी सूर्यकिरण बनाते वायुसेना के विमान, दुश्मनों के लिए बड़ा इशारा कर रहे हैं. इनकी ये तैयारी 6 अक्टूबर को लेकर है.
जैसे चीन की सेना अपनी स्थापना दिवस पर अपना शक्ति प्रदर्शन करती है, रूस की आर्मी अपना पावर दिखाती है, ठीक वैसे ही 6 अक्टूबर को इंडियन एयरफोर्स अपने स्थापना दिवस के मौके पर शौर्य और ताकत का प्रदर्शन करेगी. इसमें वायुसेना का सुखोई-30, LCA तेजस और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड शामिल होगा, जो मिनटों में दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है, पर पाकिस्तान इन तस्वीरों से ज्यादा मीडिया में छपी एक रिपोर्ट से परेशान है. जिसमें दावा किया गया है भारतीय एयरफोर्स पाकिस्तानी सीमा के पास एक नया एयरफील्ड बना रही है.
ये एयरबेस तैयार होते ही भारत पश्चिमी सीमा पर किसी भी तरह के ऑपरेशन को तुरंत अंजाम दे पाएगी. आपको याद होगा साल 1971 में पाकिस्तान ने गुजरात के भुज का एयरबेस उड़ा दिया था, कच्छ के रास्ते तक का संपर्क काट दिया था, जिसे रातों-रात इंडियन एयरफोर्स और आर्मी के जवानों ने न सिर्फ रिपेयर किया, बल्कि पाकिस्तान को करारा जवाब भी दिया था. इस पूरी कहानी पर अजय देवगन की एक मूवी भी आई थी, जिसने दर्शकों के रग-रग में जोश भरकर रख दिया. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि डीसा एयरबेस भारत के लिए कितना अहम होने वाला है.
इसीलिए साल 2022 में पीएम मोदी ने इसका शिलान्यास किया और अब कुछ सालों के भीतर ये बनकर तैयार होने वाला है, जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है. इसीलिए वो चीन से नए-नए विमान खरीद रहा है, करार कर रहा है और उसी के दम पर पाकिस्तानी एयरफोर्स के कोमोडोर जिया उल हक शम्सी दावा करते हैं... पाकिस्तानी एयरफोर्स अब भारतीय वायुसेना से 12-14 साल आगे निकल चुकी है. हमारे पास FC-31 स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसे J-31 के नाम से दुनिया जानती है. ये पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है, जबकि भारत के पास ऐसा एक भी नहीं है.
ये बात सच है कि भारत के पास चौथे जेनेरेशन का विमान है, जिसमें राफेल और तेजस शामिल हैं, पर कहते हैं जंग हथियार से नहीं जिगरे से लड़ी जाती है, और इसके सबसे बड़े उदाहऱण हैं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडकर अभिनंद वर्धमान, जिन्होंने मिग-21 जैसे पुराने विमान से पाकिस्तान के पसीने छूड़ा दिए. जिसे पाकिस्तान आज तक नहीं भूल पाया है. और उससे भी पुरानी बातें याद करें तो हिंदुस्तान की सेना में तो ऐसे-ऐसे तेजतर्रार अधिकारी हैं, जो लंच बॉक्स को बालुओं के बीच ऐसे बिछाते हैं कि पाकिस्तानी सेना उसे लैंड माइंस मानकर पीछे हट जाती है. लेकिन वो दौर दूसरा था, ये दौर दूसरा है. अब भारतीय सेना से लेकर नौसेना तक का बजट कई गुणा बढ़ चुका है, और वायुसेना का शौर्य आप देख ही रहे हैं, कैसे आसमान में कलाबाजियां दिखाते विमान दुश्मनों की नींद उड़ा रहे हैं. इसीलिए कमेंट में लिखिए जय हिंद, सेना के जवानों के शौर्य को कीजिए सैल्युट, और बढ़ाइए उनका हौसला.