सीएम योगी आदित्यनाथ की मां सावित्री देवी बीते एक महीने में दो बार बीमार हो चुकी हैं. जिसके बाद से हर कोई ये जानना चाहता है कि क्या उन्हें कोई गंभीर बीमारी है. मई के महीने में वो ऋषिकेश एम्स में गईं तो ड़ॉक्टर्स ने कहा कि बुढ़ापे में होने वाली दिक्कतों से ये जूझ रही हैं. लेकिन जून के महीने में जब दोबारा भर्ती हुईं तो एक नई बीमारी पता चली, जिसे सुनने के बाद खुद योगी आदित्यनाथ भी ये सोचेंगे कि अपनी माताजी को लखनऊ या दिल्ली बुला लें.
फिलहाल योगी की माताजी का ख्याल वहां के सीएम, स्वास्थ्य मंत्री और बड़े-बड़े अधिकारी खुद रख रहे हैं. ये तस्वीरें उस दिन की हैं, जब सावित्री देवी एम्स में अपनी बेटी के साथ भर्ती होने गईं थी. तब उनसे मिलने उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत पहुंचे थे उसके बाद खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सीएम योगी की माताजी का हाल-चाल हॉस्पिटल पहुंचकर लिया.
धामी रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे. उसी दौरान उन्हें ख़बर मिली तो वो योगी की माताजी का हाल-चाल लेने पहुंच गए और तब पता चला कि डॉक्टर्स ने बताया है कि उम्र के साथ होने वाली बीमारियां बढ़ रही हैं, पिछली बार इन्हें दवा दी गई थी और इस बार आंखों में दिक्कत की बात सामने आई है, जिसका इलाज किया जा रहा है, घबराने की कोई बात नहीं है.
लेकिन आम लोगों की तरह योगी का अपनी मां के साथ जैसा रिश्ता है, वो ये बताता है कि योगी अगले कुछ दिनों में या तो अपने गांव पंचूर जा सकते हैं, या फिर अपनी माताजी को लेकर लखनऊ आ सकते हैं, उनकी माताजी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने एक बार देखा है, वो कहां रहते हैं, मैं गई थी. लेकिन मैं इन पहाड़ों में ही ठीक हूं. बस एक बार उनसे मिलना चाहती हूं, घर आ जाएं. यही मेरी आखिरी इच्छा है.
ये बातें जब सीएम योगी की मां ने कही थी उसके कुछ ही दिन बाद योगी अपनी मां से मिलने पंचूर गांव गए थे और तब उन्होंने अपनी माताजी से पूछा था कि पहचान तो लिया न, योगी और उनकी माताजी की इस तस्वीर को देखने के बाद कई लोगों को पीएम मोदी और उनकी माताजी के मुलाकात की तस्वीरें याद आ गई थी. अब पीएम मोदी की मां तो इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन पीएम मोदी जरूरी मौकों पर उन्हें याद करना नहीं भूलते, 2024 चुनाव के जीत के तुरंत बाद मोदी ने जब भाषण दिया, तब उसमें भी अपनी मां का जिक्र किया था.
लेकिन योगी अपने भाषणों में अपनी मां का जिक्र नहीं करते, बल्कि ये बातें बस दिल में रखते हैं. कहा जाता है कि 10 मार्च को जब योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी ने यूपी विधानसभा का चुनाव साल 2017 में जीता था. तब योगी ने सबसे पहले अपने गुरु को याद किया था और उसके दो दिन बाद अपनी माताजी को फोन मिलाया था, उनके भाई महेन्द्र योगी भाष्कर को दिए इंटरव्यू में कहते हैं कि तब उन्होंने कहा था मां कैसी हो, जिसपर मां ने कहा था ठीक हूं, तुम कैसे हो तो सीएम योगी ने कहा था मैं भी ठीक हूं.
इसके बाद मां जीत की बधाई देती हैं और योगी अपने छोटे भाई महेन्द्र योगी से बात करने लगते हैं. योगी की मां को उम्र के हिसाब से भूलने की बीमारी भी है. लेकिन वो बात आज भी नहीं भूली हैं जब योगी कहते थे मैं देश की सेवा करूंगा औऱ बाकी भाई आपकी सेवा करेंगे.