NEET-UG परीक्षा 2024 को लेकर विवाद के बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को अखिल भारतीय परीक्षाएं नहीं करानी चाहिए. साथ ही कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करने का अधिकार राज्यों को वापस किया जाना चाहिए.
बता दें कि 5 मई, 2024 को आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा विवादों में घिरी हुई है, जिसमें धोखाधड़ी और नकल के आरोप लगे हैं. इस दौरान चिदंबरम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की और कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए. कांग्रेस सांसद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और सिस्टम और सिस्टम में लीक के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान पी चिदंबरम ने कहा कि NEET एक घोटाला है और हम पिछले 3-4 वर्षों से यह कह रहे हैं. तमिलनाडु ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें राज्य को NEET से छूट देने की मांग की गई है. प्रत्येक राज्य को राज्य सरकार द्वारा संचालित कॉलेजों के लिए छात्रों का चयन करने के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का अधिकार होना चाहिए. जब आपके पास अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा होती है, तो यहां घोटाले होने ही हैं.
पी चिदंबरम ने कहा कि भारत बहुत बड़ा देश है और इसमें बहुत अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देते हैं, इसलिए सरकार को अखिल भारतीय परीक्षा को छोड़ देना चाहिए तथा इसे केवल केंद्रीय सरकारी संस्थानों तक ही सीमित रखना चाहिए.
बता दें कि NEET में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण कई विरोध प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाइयां हुई हैं. इस बीच, केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. केंद्रीय एजेंसी की जांच में अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें से प्रत्येक ने कथित तौर पर NEET परीक्षा के पेपर लीक और वितरण में भूमिका निभाई है.