न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा की भरी महफिल में मंगलवार को अमेरिका और क्यूबा के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज अपना संबोधन दे रहे थे, तभी क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पारिला पोडियम के पास पहुंच गए और उन पर झूठ बोलने का आरोप लगा दिया. वॉल्ट्ज ने सख्त लहजे में उन्हें पीछे हटने और डराने-धमकाने की कोशिश न करने की चेतावनी दी. बढ़ते तनाव के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
यह घटना क्यूबा के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा वाले प्रस्ताव पर मतदान से ठीक पहले घटी. ये प्रतिबंध दशकों पुराने हैं और आधुनिक समय के सबसे लंबे व्यापारिक-आर्थिक प्रतिबंधों में गिने जाते हैं. ब्रूनो रोड्रिग्ज ने आरोप लगाया कि अमेरिका अन्य देशों पर दबाव डाल रहा है ताकि वे प्रतिबंधों की निंदा वाले प्रस्ताव के खिलाफ वोट करें. उन्होंने कहा कि हालिया ईंधन आपूर्ति पर पाबंदियों ने क्यूबा की स्वास्थ्य व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है. उनके मुताबिक शिशु मृत्यु दर दोगुनी हो गई है और लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में है.
माइक वॉल्ट्ज ने अपने संबोधन में क्यूबा सरकार को भ्रष्ट बताया. उन्होंने दिवंगत नेता फिदेल कास्त्रो की तस्वीर दिखाई जिसमें उनके हाथ में दो महंगी रोलेक्स घड़ियां थीं. वॉल्ट्ज ने दावा किया कि हर घड़ी की कीमत करीब 40 हजार डॉलर थी, जो एक औसत क्यूबाई नागरिक की 55 साल की कमाई के बराबर है. उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कानेल की तस्वीर भी दिखाते हुए कहा कि यह सिलसिला अब भी जारी है.
पोडियम पर पहुंचकर झड़प
वॉल्ट्ज के भाषण के दौरान पारिला पोडियम के पास आए और प्रक्रिया संबंधी आपत्ति जताते हुए नियम 71 का हवाला दिया. वॉल्ट्ज ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उन्हें कड़वी सच्चाइयां पसंद नहीं हैं. उन्होंने पारिला से कहा कि पीछे हट जाओ. मुझे संयुक्त राज्य अमेरिका में डराने की कोशिश मत करो, जैसे तुम राजनीतिक कैदियों को डराते हो. पारिला ने जवाब दिया कि आप झूठे हैं.
वॉल्ट्ज ने फिर दोहराया कि क्या आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं? यह संयुक्त राज्य अमेरिका है. पीछे हटिए. तनाव इतना बढ़ गया कि महासभा की कार्यवाही रोक दी गई. घटना से जुड़े एक वीडियो में अमेरिकी राजदूत के प्रवक्ता जेपी फ्रेयर के साथ क्यूबा प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य की कथित झड़प भी दिखी है, जिसमें आईफोन छीनने की कोशिश का जिक्र है.