तेल अवीव: 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और उसके बाद गाजा-लेबनान-ईरान में चली जंग के बाद इजरायल में मंगलवार को पहला राष्ट्रीय चुनाव संपन्न हुआ. रिकॉर्ड 77.7 प्रतिशत मतदान के साथ इस चुनाव के नतीजे बेहद रोचक और अनिश्चितता भरे साबित हो रहे हैं. एग्जिट पोल और शुरुआती रुझानों में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गठबंधन आगे चल रहा है, लेकिन स्पष्ट बहुमत के लिए उन्हें अभी 2 सीटों की जरूरत है.
इजरायल की संसद (क्नेसेट) में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी है. चैनल 12 के अपडेटेड एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को 52 और विपक्षी खेमे को 49 सीटें मिलने का अनुमान है. अरब पार्टियों की सीटें बढ़कर 19 हो गई हैं. ऐसे में किसी भी पक्ष को साफ बहुमत नहीं मिलता दिख रहा. अब तक 12 लाख से ज्यादा वोटों की गिनती हो चुकी है.
केंद्रीय चुनाव समिति के आंकड़ों के मुताबिक नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 23.36 प्रतिशत वोटों के साथ सबसे आगे है. पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट की याशर पार्टी 15.74 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि नफ्ताली बेनेट की पार्टी को 8.53 प्रतिशत वोट मिले हैं. एग्जिट पोल में बढ़त मिलने के बाद नेतन्याहू ने समर्थकों के साथ जश्न मनाया. उन्होंने कहा कि अभी असली नतीजों का इंतजार है.
साथ ही अरब पार्टियों के साथ गठबंधन को ‘शर्मनाक’ बताते हुए कहा कि इजरायल में एकजुट ‘जायोनी बहुमत’ होना चाहिए. दूसरी ओर गादी आइजनकोट ने नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में नकार दिया है. एक योग्य नेता को जनता के अविश्वास को स्वीकार कर राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए. सुरक्षा, हमास पर एक्शन, सैन्य सेवा और न्यायिक सुधार इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे. अंतिम नतीजे आने में कुछ दिन लग सकते हैं.