जिसे मरा समझकर जला दिया, तेरहवीं भी हो चुकी… 3 साल बाद बेटी जिंदा मिल गई!

Amanat Ansari 28 Oct 2026 02:13 PM 1 Mins
जिसे मरा समझकर जला दिया, तेरहवीं भी हो चुकी… 3 साल बाद बेटी जिंदा मिल गई!

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में एक सनसनीखेज और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है. जिस बेटी को परिवार ने मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था, उसकी तेरहवीं भी पूरी कर ली गई थी… लेकिन तीन साल बाद वह जिंदा मिल गई है. प्रयागराज के उमरावगंज निवासी बनवारी लाल की 27 वर्षीय बेटी प्रीति 13 मई 2023 को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी.

तीन साल तक कोई सुराग नहीं मिला. 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में एक लावारिस युवती का शव मिला. प्रीति की मां कमला देवी, चचेरे भाई और भाभी शव को देखने पहुंचे. नाक पर तिल और जलने के निशान देखकर उन्होंने उसे प्रीति ही समझ लिया. चार अक्टूबर को अंतिम संस्कार कर दिया गया और आठ अक्टूबर को तेरहवीं भी पूरी कर ली. पहचान की पुष्टि के लिए मां का डीएनए सैंपल भी लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है.

24 अक्टूबर को लालगोपालगंज पुलिस चौकी के दारोगा शुभम ने कमला देवी को फोन कर बताया कि उनकी बेटी गुजरात के बड़ौदा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में सुरक्षित है. केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांडेय के मुताबिक, युवती 5 अगस्त 2023 को रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में मिली थी. वह सिर्फ ‘लालगंज’ बता पाती थी. हाल ही में गूगल सर्च से ‘लालगोपालगंज’ का पता चला.

वीडियो कॉल पर प्रीति ने अपने परिजनों और पड़ोसियों को पहचान लिया. परिवार ने भी उसकी पहचान की पुष्टि कर दी. घर में खुशियों का माहौल छा गया. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोरखपुर में जिस युवती के शव को प्रीति समझकर अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किसकी थी? उस शव की असली पहचान के लिए डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है. गोरखपुर एसीपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि जांच जारी है.

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