चक्रवात दाना (Cyclone Dana) को लेकर भारतीय वायुसेना ने बड़ा कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि चक्रवात के निकट आने के साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्य संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकालकर और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करके एहतियाती कदम उठाया जा रहा है. साथ ही भारतीय तटरक्षक बल ने अपनी तैयारियों को बढ़ा दिया है. दोनों राज्यों में होने वाली भारी बारिश के कारण किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जहाजों और विमानों को तैनात किया गया है. भारतीय वायुसेना ने NDRF की टीमों और राहत सामग्री को भुवनेश्वर पहुंचा दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
भारतीय समुद्री विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा है कि चक्रवात पुरी से पश्चिम बंगाल तक पूर्वी तट को प्रभावित कर सकता है. चक्रवात के 25 अक्टूबर की सुबह पुरी और सागर द्वीप के बीच आने का अनुमान है. बताया गया है कि 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. जानकारी मिली है कि बचाव के लिए 800 चक्रवात आश्रयों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में 500 अतिरिक्त अस्थायी आश्रयों को बनाया गया है.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जानकारी दी है कि 250 राहत केंद्रों की जांच कर ली गई है. यहां भोजन, पानी, दवाइयां और बिजली की व्यवस्था की गई है. एहतियातन 14 जिलों में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 23 से 25 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि 23 से 26 अक्टूबर तक सात जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे.
अधिकारियों को निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है. भारतीय तटरक्षक बल ने मछुआरों और नाविकों को लगातार मौसम संबंधी अलर्ट और सुरक्षा चेतावनियां प्रसारित करने के लिए हेलीकॉप्टर और रिमोट स्टेशन तैनात किए हैं. तटरक्षक बल के कर्मचारी चक्रवात के प्रभाव को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं.