कश्मीर टाइम्स दफ्तर पर छापे मिले में खतरनाक राइफल के कारतूस; संपादकों ने कार्रवाई को बताया पत्रकारिता को कुचलने की साजिश

Amanat Ansari 20 Nov 2025 10:31: PM 1 Mins
कश्मीर टाइम्स दफ्तर पर छापे मिले में खतरनाक राइफल के कारतूस; संपादकों ने कार्रवाई को बताया पत्रकारिता को कुचलने की साजिश

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गुरुवार को जम्मू स्थित अखबार कश्मीर टाइम्स के दफ्तर पर छापा मारा. तलाशी के दौरान AK राइफल के कारतूस, पिस्तौल की गोलियां और हैंड ग्रेनेड के पिन बरामद किए गए. अधिकारियों का दावा है कि यह छापा उन आरोपों की जांच का हिस्सा था, जिसमें अखबार पर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का शक जताया जा रहा है.

SIA की टीम ने दफ्तर के कंप्यूटरों समेत हर कोने की तलाशी ली. आने वाले दिनों में अखबार के प्रमोटर्स से पूछताछ होने की संभावना है. उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी ने सधा हुआ बयान देते हुए कहा, “अगर कोई गलती की है तो कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा करना गलत होगा.”

1954 में दिग्गज पत्रकार वेद भसीन द्वारा शुरू किया गया कश्मीर टाइम्स लंबे समय से अलगाववादी विचारधारा के समर्थक के रूप में देखा जाता रहा है. वेद भसीन के निधन के बाद उनकी बेटी अनुराधा भसीन जामवाल और दामाद प्रबोध जामवाल ने संपादकीय और प्रबंधकीय जिम्मेदारी संभाली. फिलहाल दोनों विदेश में हैं. 2021-22 से जम्मू से इस अखबार का प्रिंट संस्करण बंद है, लेकिन ऑनलाइन संस्करण अभी भी सक्रिय है.

संपादकों का कड़ा विरोध

विदेश से ही अनुराधा भसीन जामवाल और प्रबोध जामवाल ने संयुक्त बयान जारी कर छापे की निंदा की. उन्होंने इसे “स्वतंत्र पत्रकारिता को चुप कराने की सुनियोजित साजिश” बताया और कहा, “सरकार की आलोचना करना देशद्रोह नहीं है. लोकतंत्र को जीवंत रखने के लिए सवाल उठाने वाली प्रेस जरूरी है. हम पर लगाए जा रहे आरोप सिर्फ डराने, बदनाम करने और अंततः चुप कराने के लिए हैं. हम चुप नहीं होंगे.” उन्होंने प्रशासन से आरोप वापस लेने और उत्पीड़न बंद करने की मांग की. साथ ही मीडिया बिरादरी, नागरिक समाज और आम नागरिकों से एकजुटता की अपील की.

इल्तिजा मुफ्ती ने साधा निशाना

पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने छापे को “बेतुका” और “राजकीय दमन” करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “कश्मीर टाइम्स उन गिने-चुने अखबारों में से था जो सत्ता को सच बोलता था और दबाव में झुकने से इनकार करता था. देश-विरोधी गतिविधि के नाम पर उनके दफ्तर पर छापा मारना सरासर गुंडागर्दी है. कश्मीर में सच की हर खिड़की को ‘देशद्रोही’ का तमगा लगाकर बंद किया जा रहा है. क्या अब हम सब देशद्रोही हैं?”

Kashmir Times Jammu raid AK rifle cartridges SIA Jammu and Kashmir Police

Recent News