सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित दारुल उलूम देवबंद में छात्रों के स्मार्टफोन और मल्टीमीडिया मोबाइल चलाने पर पाबंदी लगा दिया गया है. हॉस्टल में मोबाइल रखने और बातचीत करने पर पूरी तरीके से रोक लगा दी गई है. तलाशी में अगर किसी छात्र के पास फोन मिलेगा तो उसके नामांकन को रद्द करने का प्रावधान तय किया गया है. संस्था के द्वारा पिछले वर्ष भी इसी तरीके की पाबंदी लगाई गई थी और इस वर्ष भी पाबंदी लगा दी गई है. पिछले कई वर्षों में दारुल उलूम देवबंद से पढ़ने वाले छात्रों का अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से कनेक्शन सामने आया था, जिसके बाद पिछले साल भी रोक लगी थी और इस साल भी फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया गया है.
सहारनपुर में दारुल उलूम देवबंद के पास एटीएस कमांडो सेंटर बना है. कमांडो केंद्र बनने के बाद दारुल उलूम देवबंद के नियमों में बदलाव किया गया है अब हॉस्टल में किसी भी प्रकार के साजिश के यंत्र यानी कि मल्टीमीडिया या फिर स्मार्टफोन नहीं रख सकेंगे. कई बार फोन की मदद से पाकिस्तान जासूस बन रहा था. हालांकि, अब नियमों में बदलाव होने के बाद फ़ोन पर प्रतिबंध है. यह नियम नए और पुराने सभी छात्रों पर लागू होगा. नियम के तहत फ़ोन पकड़ने जाने पर छात्र को निष्काषित कर दिया जाएगा.
अनुशासन का दिया हवाला
संस्थान के द्वारा इस फैसले को अनुशासन और शैक्षणिक एकाग्रता के मद्देनजर लागू करने की बात कह रही है, लेकिन इसके पीछे बड़ा राज है. दरअसल, स्मार्ट फ़ोन की वजह से गतिविधियां बाहर आने का अंदेशा है. फोन मतलब नेटवर्क और नेटवर्क से बड़ी साजिश हो सकती है. अगर किसी भी प्रकार की साजिश हूई तो सख्ती तय है. योगी की सख्ती को देखते हुए हॉस्टल के अधीक्षक ने स्मार्ट और मल्टी मीडिया फोन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है.