Delhi Cyber Crime: इन दिनों साइबर ठगी दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है. पुलिस भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर उन पर शिकंजा कस रही है. इसी बीच पश्चिमी दिल्ली पुलिस की पीएस साइबर टीम ने साइबर ठगी में शामिल एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को अमेरिका की एक कंपनी का फ्रीलांसर बताता था. वह वर्चुअल इंटरनेशनल मोबाइल नंबर और फर्जी आईडी का प्रयोग कर बंबल, स्नैपचैट और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल बनाता था और महिलाओं को निशाना बनाता था.
पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी ने जानकारी दी है कि कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 18-30 वर्ष की छात्रों-महिलाओं को निशाना बनाता था. सोशल प्लेटफॉर्म पर जुड़ने के बाद आरोपी महिलाओं को आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भेजकर ब्लैकमेल कर पैसे मांगता था. पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल, ऐप आधारित वर्चुअल इंटरनेशनल मोबाइल नंबर और 13 क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं.
अब तक 700 से ज्यादा ठगी
पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि आरोपी की पहचान तुषार सिंह बिष्ट के रूप में हुई है, जिसे डेटिंग प्लेटफॉर्म पर मॉडल बनकर 700 से ज्यादा महिलाओं से ठगी करने के आरोप में शुक्रवार को शकरपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है. तुषार ने डेटिंग ऐप पर खुद को भारत आने वाले यूएस-बेस्ड फ्रीलांस मॉडल के तौर पर पेश किया. एक बार जब आरोपी महिलाओं का भरोसा जीत लेता, तो दोस्ती की आड़ में उनके फोन नंबर और आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मांग लेता और उन्हें चुपके से सेव कर लेता.
कैसे करता था ब्लैकमेल?
पुलिस ने बताया कि शुरुआत में तो आरोपी कुछ नहीं करता था, लेकिन धीरे-धीरे वह ब्लैकमेल करके पैसे ऐंठने लगा. अगर कोई पीड़िता पैसे देने से मना करती, तो आरोपी उसके विजुअल ऑनलाइन अपलोड करने या डार्क वेब पर बेचने की धमकी देता. पुलिस ने बताया कि तुषार ने बम्बल पर 500 से ज्यादा और स्नैपचैट और वॉट्सऐप पर 200 से ज्यादा महिलाओं से संपर्क किया था.
पुलिस ने बताया कि आरोपी का पर्दाफाश तब हुआ जब दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा ने 3 दिसंबर 2024 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. वह जनवरी 2024 में बंबल पर तुषार से जुड़ी थी. वहीं दोनों की दोस्ती हुई, जो बाद में वॉट्सऐप और स्नैपचैट पर निजी चैट में बदल गई. इस दौरान पीड़िता ने उसके साथ निजी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए.
कैसे पकड़ा गया आरोपी
पीड़िता जब भी आरोपी से मिलने के लिए कहती तो वह कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देता था. कुछ दिन बाद आरोपी ने पीड़िता के फोन पर उसका आपत्तिजनक वीडियो भेजा और पैसों की डिमांड की. छात्रा ने डर के मारे उसे थोड़ी रकम दे दी, लेकिन जब आरोपी तुषार लगातार उसे परेशान करने लगा तो उन्होंने पूरी बात अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया.
पुलिस ने तुषार के फोन से दिल्ली और आसपास के इलाकों की महिलाओं के साथ 60 से ज्यादा वॉट्सऐप चैट रिकॉर्ड भी बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता के अलावा तुषार ने कम से कम चार अन्य महिलाओं से इसी तरह पैसे ऐंठे हैं.