मेरठ: मेरठ कोर्ट ने बुधवार को ब्लू ड्रम मर्डर केस में मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है. दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत (पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी) की हत्या और सबूत नष्ट करने का दोषी ठहराया गया था. सौरभ राजपूत फरवरी 2025 के अंत में लंदन से मेरठ लौटे थे. 4 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल ने उन्हें नशे में डालकर चाकू से गोदा और शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए.
अवशेषों को नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट और रेत के साथ पैक कर घर (ब्रह्मपुरी) में छिपा दिया. पहले सूटकेस में रखने की कोशिश की, लेकिन फिट न होने पर ड्रम का इस्तेमाल किया. मध्य मार्च में ड्रम से दुर्गंध आने पर पुलिस ने अवशेष बरामद किए. दोनों हिमाचल प्रदेश घूमकर लौटे तो गिरफ्तार कर लिए गए.
ट्रायल करीब 13 महीने चला, जिसमें 126 सुनवाई और 22 अभियोजन गवाह शामिल थे. 30 सितंबर 2026 को दोनों को हत्या और सबूत नष्ट करने का दोषी ठहराया गया. अभियोजन पक्ष ने इसे “रैरेस्ट ऑफ रेयर” केस बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी.
सौरभ की मां रेनू देवी ने दोषसिद्धि के बाद मौत की सजा की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि परिवार ने 18 महीने इंतजार किया है और कुछ कम नहीं चाहिए.
मेरठ कोर्ट ने आज दोनों को डेथ पेनल्टी सुना दी. यह मामला देशभर में चर्चित रहा था.