कानपुर: भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव को सोमवार रात उनके फार्महाउस में दो नकाबपोश हमलावरों ने बंधक बना लिया और 12 लाख रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठी व राडो घड़ी लूट ली. हमलावरों ने एक देशी पिस्तौल उनकी छाती पर लगाई और दूसरे के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी.
कैसे हुई घटना?
रमेश यादव 1 अक्टूबर को प्रदेश सचिव बने थे. लखनऊ से चार्ज संभालकर करीब 12:30 बजे रात वे अपने फार्महाउस (सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र, शहर से करीब 20 किमी दूर) पहुंचे. वे अकेले रुके हुए थे. नौकर अभय राजपूत ने खाना परोसकर करीब 10:45 बजे घर छोड़ दिया. करीब 15 मिनट बाद दो युवक अंदर घुसे. उन्होंने पहले 2 करोड़ रुपये की मांग की, फिर लॉकर से 12 लाख रुपये निकाले और गहने व घड़ी छीन ली. इसके बाद उनके हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया और तौलिया व पानी की बोतल छोड़कर भाग गए.
हमलावर करीब 37 मिनट फार्महाउस में रहे. यादव ने खुद को टेप से मुक्त किया और गार्ड को बुलाया. पुलिस को 1:20 बजे रात सूचना मिली. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विपिन तादा और डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी मौके पर पहुंचे. फार्महाउस में 10 फुट ऊंची दीवार, कांटेदार तार और 50 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. चार गार्ड तैनात थे. सीसीटीवी में घुसने का फुटेज नहीं मिला, लेकिन दो काले कपड़े पहने युवक वॉशबेसिन पर चढ़कर टिन शेड से कूदते हुए भागते दिखे. पुलिस को शक है कि वे पेड़ के सहारे कमरे में घुसे.
कुत्तों के दस्ता ने बगीचे से खेत तक का रास्ता ट्रैक किया. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आठ टीमें जांच कर रही हैं और दो संदिग्धों से पूछताछ चल रही है. हमलावर फार्महाउस से परिचित लगते हैं. रमेश यादव दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और 2022 में बीएसपी टिकट पर बिठूर से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं.