Kerala landslides: मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 150, करीब 250 लोगों को बचाया गया, नेवी की टीम तैनात

Global Bharat 31 Jul 2024 12:29: PM 3 Mins
Kerala landslides: मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 150, करीब 250 लोगों को बचाया गया, नेवी की टीम तैनात

केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है. पैरा रेजिमेंटल ट्रेनिंग के कमांडेंट ब्रिगेडियर अर्जुन सीगन ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अबतक करीब 200 से 250 लोगों को बचाया गया है. जानकारी मिली है कि खोज और बचाव अभियान में एक डॉग स्क्वायड को भी शामिल हो गया है. बता दें कि 30 जुलाई की सुबह राज्य के पहाड़ी इलाकों में मेप्पाडी पंचायत में दो बड़े भूस्खलन हुए.

भूस्खलन की वजह से मुंदक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए. पिछले दो सप्ताह से लगातार बारिश का सामना कर रहे इस इलाके में भूस्खलन के बाद तबाही मच गई. नदियों और उनकी सहायक नदियों ने उफान मारते हुए अपना रास्ता बदल लिया और गांवों से होकर बहते हुए तबाही मचा दी. सेना, नौसेना, वायु सेना और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में मदद कर रही हैं. केरल जनसंपर्क विभाग ने जानकारी दी है कि 45 नौसैनिकों, 5 अधिकारियों, 6 अग्निशमन गार्ड और एक डॉक्टर वाली टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडेंट आशीर्वाद कर रहे हैं.

पैरा रेजिमेंटल ट्रेनिंग के कमांडेंट ब्रिगेडियर अर्जुन सीगन ने बताया कि कल सुबह से ही बचाव अभियान जारी है. कल खराब मौसम की वजह से बचाव दल बहुत से लोगों को नहीं बचा पाए थे. एनडीआरएफ टीम, सेना, राज्य पुलिस, वन अधिकारियों और स्वयंसेवकों के करीब 500 से 600 कर्मियों ने आज बचाव अभियान चलाया. ब्रिगेडियर सीगन ने कहा कि बह गए पुल को फिर से बनाने के प्रयास जारी हैं और जैसे ही हालात बेहतर होंगे, लोगों को हवाई मार्ग से बाहर निकाला जाएगा.

सेना के अधिकारी ने कहा कि हम पुल को फिर से बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि मिट्टी हटाने वाले उपकरणों को अंदर ले जाया जा सके. उन्होंने कहा कि जैसे ही मौसम की स्थिति बेहतर होगी, हम लोगों को हवाई मार्ग से निकालना शुरू कर देंगे.

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अब तक 1,000 लोगों को बचाया जा चुका है. पोस्ट में लिखा है NDRF, राज्य बचाव दल, तटरक्षक, भारतीय नौसेना और IAF के साथ भारतीय सेना की टुकड़ियां संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही हैं. अब तक मानव निर्मित पुल और मानवीय प्रयासों का उपयोग करके 1,000 कर्मियों को बचाया गया है. सेना की टुकड़ियों ने लगभग 70 शव बरामद किए हैं.

भारतीय वायु सेना के विमान AN 32 और C 130 द्वारा त्रिवेंद्रम से दो अतिरिक्त सेना टुकड़ियां कल रात 10:30 बजे कालीकट पहुंचीं. इन टुकड़ियों ने आज सुबह 6:45 बजे वायनाड के लिए अपनी आगे की यात्रा शुरू की, यहां तक कि छुट्टी पर गए एक सेना अधिकारी ने भी मिशन में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से आगे आने की पेशकश की. पहला भूस्खलन मेपाडी पंचायत के मुंडक्कई में रात 1.30 बजे के आसपास हुआ था, जबकि दूसरा भूस्खलन सोमवार को सुबह 4 बजे के आसपास हुआ.

मुंडक्कई से चूरलमाला तक पानी के तेज बहाव के कारण इरुवाझिंजी नदी का रुख बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप अचानक बाढ़ आ गई और चूरलमाला गांव बह गया. घर दब गए, पेड़ उखड़ गए और लोग भूस्खलन में बह गए. मुंडक्कई को चूरलमाला और अट्टामाला से जोड़ने वाले पुल के बह जाने के बाद मुंडक्कई में फंसे लोगों को मंगलवार शाम को सेना द्वारा नदी पर एक अस्थायी पुल का निर्माण करने के बाद बचाया गया. इलाके में घर दब गए और पेड़ उखड़ गए और शव वायनाड के पड़ोसी जिले मलप्पुरम के पोथुकल गांव में चलियार नदी में उतराते हुए पाए गए.

चलियार नदी चूरलमाला से निकलती है और मुंडक्कई के पीछे बहती है और फिर सोचीपारा झरने से होते हुए पोथुकल तक पहुंचती है. केरल राजस्व विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के संकलन के अनुसार, अब तक 83 पीड़ितों के शवों की पहचान की जा चुकी है. 143 शवों की पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया भी पूरी हो गई. इनमें से 32 शव नीलांबुर जिला अस्पताल में रखे गए हैं.

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