नई दिल्ली: मुंबई की व्यस्त लोकल ट्रेन में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. शनिवार शाम मालाड रेलवे स्टेशन पर एनएम कॉलेज, विले पार्ले में पढ़ाने वाले 32 वर्षीय गणित लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई.
यह सब एक छोटी-सी बात पर शुरू हुआ. आलोक बोरीवली की ओर जा रही लोकल ट्रेन से शाम करीब 5:40 बजे उतर रहे थे. ट्रेन के दरवाजे के पास भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान उनके सहयात्री ओमकार एकनाथ शिंदे (27) से उनकी तू-तू मैं-मैं हो गई. गवाहों के अनुसार, आलोक ने आरोपी से कहा था कि आगे महिलाएं खड़ी हैं, इसलिए धकेलना बंद करो. इस बात से भड़क उठे शिंदे ने अपने पास रखी धातु पकड़ने वाली चिमटी (या कोई धारदार औजार) से आलोक के पेट में जोरदार वार कर दिया. हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला.
घायल आलोक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दुखद बात यह है कि उसी दिन आलोक की पत्नी पूजा का जन्मदिन था. वे रात में साथ डिनर करने का प्लान बना चुके थे, लेकिन घर लौटते-लौटते यह हादसा हो गया.
आलोक के पिता अनिल कुमार सिंह दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा टीम में तैनात हैं. घटना की सूचना मिलते ही राजनाथ सिंह ने व्यक्तिगत रूप से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. अनिल सिंह ने शवगृह के बाहर मीडिया से कहा कि मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मामले में कोई ढील नहीं बरती जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
बोरीवली जीआरपी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने पांच स्पेशल टीमें गठित कीं और स्टेशन के आसपास लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों व रेलवे के फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. रविवार सुबह करीब 7:40 बजे पुलिस ने ओमकार शिंदे को मालाड इलाके में ही गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मूल रूप से नकली ज्वेलरी (इमिटेशन ज्वेलरी) की पॉलिश का काम करता था.
यह वारदात मुंबई की लोकल ट्रेनों में बढ़ती हिंसा और सुरक्षा की कमी को उजागर करती है, जहां रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है और जांच जारी है.