एक संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन छात्रों की मौत हो गई. इस लेकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि दिल्ली पुलिस ने रविवार को आईएएस कोचिंग सेंटर के मालिक और समन्वयक को हिरासत में लिया है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सेंट्रल, एम हर्षवर्धन ने कहा कि पुलिस ने कोचिंग संस्थान, इमारत के प्रबंधन और उस स्थान पर नाले के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. बीएनएस की धारा 105, 106 (1), 115 (2), 290 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
डीसीपी हर्षवर्धन ने बताया कि यह मामला कोचिंग संस्थान और इमारत के प्रबंधन और उस स्थान पर नाले के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ है. अब तक हमने उस कोचिंग सेंटर के मालिक और समन्वयक को हिरासत में लिया है. आगे की जांच जारी है. पुलिस ने दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की घटना के पीड़ितों की पहचान उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले की मूल निवासी श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल के एर्नाकुलम निवासी निविन दलविन के रूप में की है.
बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसमें दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा के साथ-साथ एनडीआरएफ भी शामिल थी। खोज और बचाव अभियान के अंत तक...बेसमेंट से 3 शव बरामद किए गए. तीनों की पहचान हो गई है और परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है. पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) भेज दिया है. इससे पहले दिन में, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि तीन लोगों की मौत हो गई है. हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि हम कानूनी रूप से जो भी संभव होगा, करेंगे. जांच जारी है. छात्र दिल्ली नगर निगम (MCD) और आईएएस कोचिंग संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और तीन छात्रों की मौत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. इस बीच, दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की पूर्व प्रमुख स्वाति मालीवाल ने शहर में अवैध बेसमेंट के संचालन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
मालीवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा है कि बस हर दिन एसी कमरों में बैठकर 'महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस' करते हैं. वे जमीन पर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं. क्या उन्होंने कुछ दिनों पहले पटेल नगर में बिजली के झटके से हुई मौतों से कुछ नहीं सीखा?". उल्लेखनीय है कि ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही UPSC अभ्यर्थी की दिल्ली की एक जलभराव वाली सड़क पर बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी. वहीं इस मुद्दे को लेकर राज्य की विपक्ष पार्टी भी विरोध कर रही है.