नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जानलेवा संकट के बीच अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की देशभर में चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों की ओर से उनकी प्रशंसा के बाद अब सोशल मीडिया पर उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित करने की मांग जोर पकड़ रही है.
पीएम मोदी को टैग कर यूजर्स ने की मांग
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र दिए जाने की मांग की है. एक यूजर ने लिखा कि भारतीय पायलट को उनकी बहादुरी के लिए अशोक चक्र से कम कुछ नहीं मिलना चाहिए.
एक अन्य यूजर ने भी उनकी बहादुरी का हवाला देते हुए भारत सरकार से उन्हें अशोक चक्र देने की मांग की. वहीं मेजर डीपी सिंह ने भी सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छार को इस सम्मान का हकदार बताया और 1987 में नीरजा भनोट को मरणोपरांत दिए गए अशोक चक्र का उदाहरण पेश किया.
कॉकपिट में मचा था हड़कंप
दरअसल, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के भीतर गंभीर घटना हुई. रिपोर्ट के अनुसार, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया. इस दौरान विमान भी तेजी से नीचे आने लगा.
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति संभालने की कोशिश की और कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब रहे. इसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान की बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई.
पीएम मोदी ने भी बताया ‘हीरो’
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सार्वजनिक रूप से सराहना की है. पीएम मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति ने भी उनके साहस की प्रशंसा की है.
फिलहाल इलाज जारी
कैप्टन स्मित मच्छार का सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है. भारतीय राजनयिक अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं और उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं. सोशल मीडिया पर उठ रही अशोक चक्र की मांग फिलहाल लोगों की अपील है; उन्हें यह सम्मान देने के संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय की घोषणा नहीं हुई है.