देवरिया : पंचायतों में सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में देवरिया के जिलाधिकारी IAS मधुसूदन हुल्गी ने सख्त कार्रवाई की है. सामने आई जानकारी के मुताबिक कैग ऑडिट में करीब 6 करोड़ 30 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में 10 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है. वहीं, इनमें से एक सचिव प्रमोशन पाकर एडीओ बन चुका है. DM ने उसके खिलाफ भी निलंबन की संस्तुति की है.
मामले में सिर्फ निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं है. जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी IAS राजेश कुमार सिंह को निर्देशित करते हुए निलंबित सचिवों की आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की सिफारिश की है. सरकारी धन के करीब 8.30 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़े आरोपों की भी जांच की बात सामने आई है. हालांकि, इन आंकड़ों और CAG रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्षों की आधिकारिक प्रति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने पर ही अंतिम पुष्टि होगी.
मधुसूदन हुल्गी 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में देवरिया के जिलाधिकारी हैं. उन्होंने मई में देवरिया के 69वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला, इससे पहले वह मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के पद पर तैनात थे. हुल्गी की पहचान फील्ड विजिट और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली वाले अधिकारी के रूप में बन रही है। शिकायतों और सरकारी योजनाओं की निगरानी को लेकर भी वह अधिकारियों को लगातार जवाबदेह बनाने पर जोर देते रहे हैं.