आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण (Deputy CM Pawan Kalyan) ने गुरुवार को वाराही सभा में शामिल होकर देश के सभी मंदिरों में प्रसाद और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'सनातन धर्म प्रमाणन' (Sanatan Dharma Certificate) प्रणाली का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा करने और इसकी मान्यताओं को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय अधिनियम की आवश्यकता है और इसके लिए वार्षिक निधि आवंटित करने की भी मांग की. जिसके बाद देश के संतों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं हैं, जिन्होंने पवन कल्याण का पूरी तरह से समर्थन करने की बात कही है.
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
इसी बीच आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने तिरुमाला में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसाद के रूप में परोसे जाने वाले लड्डू बनाने में पशु वसा के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. इसी बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति के प्रसादम में मिलावट की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की.
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि मैं तिरुपति लड्डू में मिलावट के मुद्दे की जांच के लिए सीबीआई, एपी पुलिस और एफएसएसएआई के अधिकारियों वाली एसआईटी गठित करने के माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करता हूं. सत्यमेव जयते. ओम नमो वेंकटेशाय.
विपक्ष ने नायडू पर साधा निशाना
विपक्षी वाईएसआरसीपी ने इसे टीडीपी और सीएम चंद्रबाबू नायडू के लिए एक झटका माना. वाईएसआरसीपी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लड्डू पर राजनीतिक टिप्पणी न करें.. ड्रामा न बनें. चंद्रबाबू और गठबंधन सरकार के नेताओं की सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आलोचना की थी. व्यापक जांच के लिए सीबीआई निदेशक की निगरानी में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था.