नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले हफ्ते से एक 19 मिनट 34 सेकंड का कथित प्राइवेट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग मेघालय की मशहूर इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर स्वीट जन्नत (@sweet_zannat_12374) का बता रहे हैं. वीडियो के साथ यह भी अफवाह उड़ाई जा रही है कि शर्मिंदगी से तंग आकर लड़की ने सुसाइड कर लिया और एक दूसरा वीडियो भी घुमाया जा रहा है जिसमें किसी महिला का शव पड़ा दिखाया गया है. लेकिन सच्चाई बिलकुल अलग और हैरान करने वाली है.
स्वीट जन्नत ने खुद 28 नवंबर को एक क्लियरिफिकेशन वीडियो पोस्ट कर साफ किया कि वायरल वीडियो उनका बिलकुल नहीं है, बल्कि AI डीपफेक तकनीक से बनाया गया फर्जी वीडियो है. उन्होंने लोगों से अपील की कि दोनों वीडियोज को ध्यान से देखें तो असली वीडियो में लड़की फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रही है, जबकि स्वीट जन्नत ने बताया कि वे मुश्किल से 12वीं पास हैं और इतनी अच्छी अंग्रेजी नहीं बोल सकतीं. चेहरा, बॉडी लैंग्वेज और आवाज में साफ फर्क है.
दूसरी और सबसे डरावनी सच्चाई यह है कि सुसाइड वाली खबर भी पूरी तरह झूठी और पुरानी है. जिस महिला के शव का वीडियो दिखाया जा रहा है, वह किसी और मामले की पीड़िता है जिसका इस वायरल MMS से कोई लेना-देना नहीं. यह वीडियो महीनों पुराना है और उसे जानबूझकर जोड़कर सनसनी फैलाई जा रही है.
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में एक अलग ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कई बार ऐसा होता है कि ब्रेकअप के बाद पूर्व पार्टनर AI टूल्स का इस्तेमाल कर लड़की का चेहरा अश्लील वीडियोज पर चिपकाकर बदला लेता है और उन वीडियोज को पेड ओटीटी या प्राइवेट ग्रुप में बेचकर लाखों रुपए कमा लेता है. पुलिस ने ऐसे कई मामलों में आईपी ट्रैक कर आरोपियों को पकड़ा है और उनके फोन-लैपटॉप जब्त किए हैं.
फिलहाल स्वीट जन्नत का कहना है कि वायरल फेक वीडियो की वजह से उनके फॉलोअर्स तो तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन परिवार और समाज में उन्हें काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है.
निचोड़ यह है कि 19 मिनट का वायरल वीडियो AI डीपफेक है, सुसाइड की खबर सरासर झूठ है, और ऐसे फर्जी वीडियो बनाने-फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है. देखने-शेयर करने से पहले थोड़ा रुकें, किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है.