नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए अपने कॉन्सर्ट के दौरान बिना नाम लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने अपनी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर अभिजीत दीपके की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि पंजाबियों को यह सिखाने की जरूरत नहीं कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है.
दिलजीत ने मंच से कहा, “मैं एक कलाकार हूं और आप सब से प्यार करता हूं. भाई, मैं चुप हूं तो मुझे चुप ही रहने दो. मैं आप सब का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि कैसे लड़ा जाता है.” उन्होंने बताया कि जसवंत सिंह खालरा पर बनी फिल्म ‘सतलुज’ के लिए उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया था, जिसका मंच पर मजाक उड़ाया गया.
इस विवाद की शुरुआत अभिजीत दीपके के उस बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान कहा था, “आना पड़ता है ब्रो... नहीं तो आपकी फिल्में बैन हो जाती हैं.” उन्होंने इसे दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ के विवाद से जोड़ा था. अभिजीत दीपके ने दिलजीत के बयान पर सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा, “गबरू तो वैरी (दुश्मन) नू वी मिट्ठा बोलदा है... मिट्टी पाओ...” उन्होंने यह भी बताया कि वे शिकागो में दिलजीत के कॉन्सर्ट में गए थे और कलाकार के तौर पर उनका सम्मान करते हैं.
फिल्म ‘सतलुज’ (पहले पंजाब-95) मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है. सेंसर की दिक्कतों के बाद यह 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी, लेकिन दो दिन बाद हटा ली गई. दिलजीत के ‘मैं सिर्फ एक कलाकार हूं’ वाले पुराने बयान पर भी पहले दोहरे रवैये के आरोप लग चुके हैं.