बरेली: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान की हालिया केदारनाथ यात्रा को लेकर मुस्लिम समाज में विवाद शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश के बरेली से जुड़े इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया है. मौलाना का कहना है कि शरीयत के मुताबिक मुस्लिम के लिए मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है. उन्होंने सारा को तौबा करने और माफी मांगने की सलाह दी है.
क्या कहा मौलाना ने?
वीडियो संदेश में मौलाना ने कहा कि कई मुस्लिम युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा करना शरीयत के हिसाब से सही है या नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीयत किसी मुस्लिम (पुरुष या महिला) को दूसरे धर्म के धार्मिक कार्यों या मंदिर में पूजा-पाठ की इजाजत नहीं देती.
उन्होंने कहा कि सारा अली खान भारत की मशहूर एक्ट्रेस हैं. उन्होंने केदारनाथ मंदिर में जाकर पूजा-पाठ की, दर्शन किए और करीब आधा घंटा लाइन में खड़ी रहीं. ये सारे काम उन्होंने शरीयत की रोशनी में नाजायज और हराम किए. वे शरीयत की नजर में गुनहगार हैं. इन्हें तौबा करनी चाहिए. मौलाना ने जोड़ा कि अगर वे माफी नहीं मांगतीं तो खुदा के दरबार में गुनहगार मानी जाएंगी. उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत धार्मिक मत बताया.
सारा कब पहुंची थी केदारनाथ
25 अक्टूबर को सारा अली खान केदारनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंची थीं. वीडियो में उन्हें आम श्रद्धालुओं के साथ लाइन में खड़े देखा गया था. वे खुद को शिव भक्त बताती हैं और कई बार केदारनाथ जा चुकी हैं. उनका केदारनाथ से जुड़ाव 2017 में शुरू हुआ था, जब उनकी डेब्यू फिल्म केदारनाथ (सुशांत सिंह राजपूत के साथ) की शूटिंग हुई थी. फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी. इसके बाद वे नियमित रूप से दर्शन के लिए जाती रही हैं.
यह पहली बार नहीं है जब सारा की केदारनाथ यात्रा चर्चा में आई हो. पहले बदरी-केदार मंदिर समिति ने गैर-हिंदुओं से सनातन धर्म में आस्था का हलफनामा मांगने की बात कही थी. कंगना रनौत समेत कई लोगों ने इस पर टिप्पणी की थी. फिलहाल सारा अली खान की ओर से इस फतवे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.