बेंगलुरु: कर्नाटक कैबिनेट ने नंदिनी दूध की कीमत में प्रति लीटर 8 रुपए की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. नई कीमतें 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी. इस बढ़ोतरी में से 7 रुपए किसानों को और 1 रुपया दुग्ध सहकारी समितियों को मिलेगा. बेसिक टोंड दूध (नीले पैकेट) की कीमत 46 रुपए से बढ़कर 54 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी.
अन्य किस्मों की कीमतों में भी लगभग इतनी ही बढ़ोतरी होगी. मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि किसानों को पहले लगभग 35 रुपए प्रति लीटर मिलते थे. अब यह राशि 42 रुपए हो जाएगी. राज्य सरकार की 5 रुपए प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि जारी रहेगी, जिससे किसानों को कुल 47 रुपए प्रति लीटर मिलेंगे.
किसानों और दुग्ध संघों ने चारा, पशु आहार, दवाइयां, परिवहन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण कम से कम 10 रुपए की बढ़ोतरी की मांग की थी. किसान प्रदर्शन भी कर चुके थे. विधान परिषद में सभी दलों के सदस्यों ने किसानों की मदद की मांग की थी. गौड़ा ने कहा, “किसानों की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने सर्वसम्मति से 8 रुपए की बढ़ोतरी का फैसला किया है.”
प्रस्ताव 6 अक्टूबर को मंजूर हो गया था, लेकिन विधान परिषद चुनावों के कारण आचार संहिता लागू होने से घोषणा में देरी हुई. बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया है. उनका कहना है कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी से होटलों और रेस्टोरेंट्स की लागत बढ़ेगी और चाय-कॉफी जैसे उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं. उन्होंने बढ़ोतरी को 2-3 रुपए तक सीमित रखने की मांग की है.
यह अप्रैल 2025 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी है, जब दूध और दही की कीमतें 4 रुपए बढ़ाई गई थीं. तब टोंड दूध 42 से 46 रुपए हो गया था. सरकार का कहना है कि बढ़ोतरी का ज्यादातर हिस्सा किसानों तक पहुंचेगा, जिससे लाखों डेयरी परिवारों को लाभ होगा.