नागपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत गोविंदराव वानजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से हराकर सीट अपने पास बरकरार रखी है. यह जीत भाजपा और आरएसएस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है.
वानजारी को कुल 67,231 मत मिले, जबकि कोहाले को 63,960 मत प्राप्त हुए. मतगणना करीब 40-41 घंटे चली. पहली वरीयता के मतों में कोहाले आगे थे (60,924 मत, वानजारी के 56,630 के मुकाबले), लेकिन दूसरी वरीयता और एलिमिनेशन राउंड के बाद वानजारी ने बढ़त हासिल कर ली. स्वतंत्र उम्मीदवार नितेश कराळे को 24,249 मत मिले थे.
यह सीट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी है. आरएसएस का मुख्यालय भी नागपुर में है. दोनों भाजपा नेताओं ने कोहाले के लिए प्रचार किया था. वानजारी ने 2020 में पहली बार यह सीट जीती थी, जब उन्होंने भाजपा के संदीप जोशी को हराकर पार्टी के दशकों पुराने कब्जे को तोड़ा था.
इससे पहले यह सीट लंबे समय तक भाजपा के पास रही. वानजारी वकील और शिक्षाविद हैं. उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव वानजारी कांग्रेस के नेता और दक्षिण नागपुर से दो बार विधायक रहे थे. वे एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं और अमर सेवा मंडल जैसी शैक्षणिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं.
यह जीत कांग्रेस के लिए हाल के एमएलसी चुनावों में एकमात्र सफलता रही. चार राज्यों में हुई इन चुनावों में कांग्रेस का खाता इसी सीट से खुला. विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) ने महाराष्ट्र की पांच सीटों में से तीन पर जीत हासिल की.
वानजारी ने जीत के बाद कहा कि नागपुर स्नातक सीट अब भाजपा का गढ़ नहीं, बल्कि कांग्रेस और एमवीए का गढ़ बन गया है. यह परिणाम नागपुर में भाजपा की मजबूत संगठनात्मक पकड़ के बावजूद कांग्रेस की निरंतरता को दर्शाता है.