नई दिल्ली: सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म तू है मेरी किरण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने फिल्म की असफलता की मुख्य वजह कमजोर प्रमोशन और दर्शकों के बीच विजिबिलिटी की कमी बताया है. फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन सात दिन में 60 लाख रुपए भी नहीं कमा सकी है.
वानखेड़े ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ''फिल्म के साथ सबसे बड़ी समस्या उसकी विजिबिलिटी न होना था. दर्शकों के बीच फिल्म के बारे में जानकारी की कमी थी. रिलीज से महज छह-सात दिन पहले खबरें आने लगीं कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म रिलीज होने वाली है. जब किसी फिल्म के बारे में रिलीज से कुछ दिन पहले ही चर्चा शुरू होती है, तो उसके लिए दर्शकों के बीच रोमांच पैदा करना मुश्किल हो जाता है.''
उन्होंने आगे कहा, ''फिल्म को कम से कम एक महीने पहले प्रमोट किया जाना चाहिए था. सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं हैं कि बिना पब्लिसिटी के दर्शक फिल्म देखने पहुंचें. अगर फिल्म के बारे में बात करने या उसे प्रमोट करने में परेशानी हो, तो दर्शकों से थिएटर तक पहुंचने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. फिल्म के बारे में डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी देर से जानकारी मिली.''
वानखेड़े ने सोनाक्षी की पिछली फिल्म निकिता रॉय का भी जिक्र किया, जो बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं पा सकी थी. उनका कहना है कि ऐसे में इस फिल्म को और ज्यादा प्रमोट करने की जरूरत थी. सिर्फ फिल्म रिलीज कर देने से दर्शक अपने आप थिएटर तक नहीं पहुंचते.
रिलीज से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में को-प्रोड्यूसर्स के बीच 8.85 करोड़ रुपए के निवेश को लेकर विवाद हुआ था, जिसे आपसी सहमति से सुलझाया गया. फिल्म को करण रावल ने निर्देशित किया है और इसमें सोनाक्षी-जहीर के साथ अंकित गुप्ता भी हैं. प्लॉट टाइम-ट्रैवल और एकतरफा प्यार/जुनून पर आधारित है, लेकिन आलोचकों ने इसे कमजोर स्क्रीनप्ले वाला बताया.
वानखेड़े ने गुरमीत चौधरी की फिल्म तुम मेरे हो पर भी टिप्पणी की, जिसे उन्होंने कहा कि म्यूजिक और स्टारकास्ट दर्शकों को सिनेमाघर तक खींचने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं था. यह टिप्पणी बॉलीवुड में मध्यम स्टारों वाली फिल्मों के प्रमोशन की अहमियत को रेखांकित करती है.