वाराणसी/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतगणना में बुधवार को दो जगहों पर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला. वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद स्नातक सीट की गिनती रोक दी गई, जबकि गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा ने बेहद कांटे की टक्कर में जीत दर्ज की. वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया.
सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा शुरू से बढ़त बनाए हुए थे. पांचवें राउंड तक वे करीब 12 हजार वोटों से आगे चल रहे थे. इसे देखकर भाजपाई मतगणना प्रेक्षक प्रांजल यादव पर पक्षपात और धांधली का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए. भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने ही पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चुनाव आयोग से प्रेक्षक को तुरंत हटाने की मांग की. हंगामे के कारण मतगणना का काम रुक गया.
इससे पहले शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव पहले ही जीत चुके हैं. सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भी भाजपा पर मतगणना में व्यवधान डालने का आरोप लगाया है. सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय राजीव यादव को महज 307 वोटों के अंतर से हराया. ध्रुव त्रिपाठी को 14,887 और राजीव यादव को 14,580 वोट मिले.
मतगणना करीब 35 घंटे चली. पहले राउंड में निर्दलीय प्रत्याशी आगे थे, लेकिन द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती के बाद भाजपा प्रत्याशी आगे निकल गए. सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी तीसरे स्थान पर रहे. मतगणना के दौरान सपा और निर्दलीय प्रत्याशी ने गड़बड़ी और वोटों की चोरी का आरोप लगाया था. फिर भी भाजपा ने इस सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी. ध्रुव त्रिपाठी चौथी बार एमएलसी बने हैं.