लखनऊ/प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली और सजा निलंबित कर दी. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया गया.
आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी. इसमें दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी. 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया.
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़ा है. ट्रायल कोर्ट (रामपुर) ने नवंबर में दोनों को धारा 467, 468, 420, 471 और 120-B (फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश आदि) के तहत दोषी ठहराया था. आरोप था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग जन्म तिथियों वाले दो पैन कार्ड का इस्तेमाल कर लाभ लिया था.
हाईकोर्ट के आदेश से दोनों को जमानत और सजा निलंबन की राहत मिली है, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार रहने से चुनावी अयोग्यता आदि पर असर पड़ सकता है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, आजम खान के खिलाफ अन्य मामले (जैसे ED और विजिलेंस) भी लंबित हैं, जिससे उनकी रिहाई पर असर पड़ सकता है.
हाल ही में ED ने आजम खान से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों (बुक वैल्यू 426.46 करोड़ रुपए, बाजार मूल्य करीब 1170 करोड़) को PMLA के तहत अटैच किया था. यह फैसला आजम खान और उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है.